डीडवाना निवासी गुलाम नबी आजाद खान को वर्ल्ड पीस हार्मनी का राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति शांति, सद्भाव और सामाजिक एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने वाली गैर-राजनीतिक संस्था द्वारा की गई है। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं चेयरमैन शकील सैफी ने यह घोषणा की। यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आज़ाद खान को प्रदेश में शांति, भाईचारे और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सौंपी गई है। वे लंबे समय से सामाजिक सरोकारों, जनहित के मुद्दों और आपसी सद्भाव के लिए सक्रिय रहे हैं। उनकी निरंतर भागीदारी और जमीनी जुड़ाव को देखते हुए संस्था ने उन्हें यह पद दिया है। वर्ल्ड पीस हार्मनी एक गैर-राजनीतिक संगठन है जो समाज में प्रेम, शांति, एकता और भाईचारे को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखता है। यह संस्था विभिन्न सामाजिक अभियानों, संवाद कार्यक्रमों और जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से “विविधता में एकता” का संदेश प्रसारित करती है। संगठन का मानना है कि धर्म, जाति और वर्ग से ऊपर उठकर ही एक शांतिपूर्ण और मजबूत समाज का निर्माण संभव है। अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए गुलाम नबी आज़ाद खान ने इसे सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जवाबदेही बताया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे राजस्थान में वर्ल्ड पीस हार्मनी के उद्देश्यों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से आगे बढ़ाएंगे। उनका मुख्य प्रयास प्रदेश के प्रत्येक जिले में संगठन की सक्रिय इकाइयों का गठन करना और युवाओं, बुद्धिजीवियों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को जोड़कर शांति व सद्भाव का संदेश घर-घर तक पहुँचाना होगा। उन्होंने राजस्थान की गंगा-जमुनी तहज़ीब को मजबूत करने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष शकील सैफी ने गुलाम नबी आज़ाद खान को बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में राजस्थान में संगठन नई ऊंचाइयों को छुएगा। सैफी ने कहा कि आज़ाद खान का सामाजिक अनुभव, पत्रकारिता की समझ और जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ संगठन के उद्देश्यों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। संस्था का लक्ष्य समाज में नफरत के बजाय संवाद और सहयोग की संस्कृति को बढ़ावा देना है। इस नियुक्ति के बाद डीडवाना सहित पूरे राजस्थान में सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और समर्थकों में खुशी का माहौल है। लोगों ने फोन, संदेशों और सोशल मीडिया के माध्यम से शुभकामनाएं प्रेषित कीं। कई सामाजिक संगठनों और साथियों ने इस नियुक्ति को राजस्थान में शांति, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया है।


