गैर आरएएस से आईएएस सेवा में पदोन्नति मामला:आरएएस एसोसिएशन ने जमा कराया 2 लाख रुपए जुर्माना

राज्य में गैर आरएएस सेवा से आईएएस सेवा में पदोन्नतियों से जुड़े एक मामले में आरएएस एसोसिएशन ने अदालती आदेश की पालना में 2 लाख रुपए जुर्माना जमा करवा दिया है। अदालती आदेश के अनुसार एसोसिएशन ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) यह राशि जमा करवाई। इसकी रसीद अदालत में पेश करने के बाद हाईकोर्ट के जस्टिस अवनीश झिंगन व जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने एसोसिएशन के प्रार्थना पत्र को निस्तारित कर दिया। इस मामले में हाईकोर्ट ने गैर आरएएस से आईएएस सेवा में हुई पदोन्नतियों को वैध मानते हुए 5 दिसंबर 2024 के फैसले से आरएएस एसोसिएशन पर 5 लाख रुपए का हर्जाना लगाया था। हाईकोर्ट का कहना था कि एसोसिएशन ने गैर आरएएस सेवा से होने वाली पदोन्नतियों को रोकने के उद्देश्य और अपने निजी हितों के चलते याचिका दायर की। एसोसिएशन चाहती है कि आईएएस सेवा में जाने वाले पदोन्नति के सभी पदों पर उनके सदस्यों की ही नियुक्ति हो। हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। लेकिन एसोसिएशन पर हाईकोर्ट की ओर से लगाए जुर्माने को 5 लाख रुपए से घटाकर 2 लाख रुपए कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार ने गैर आरएएस सेवा के अफसरों को आईएएस सेवा में पदोन्नति देने की प्रक्रिया में नियमों को नहीं तोड़ा है। आठ नॉन आरएएस बनेंगे आईएएस सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश में नॉन आरएएस सेवा से आठ आईएएस बनेंगे। इसमें 2023 की रिक्तियों के विरुद्ध आईएएस के 4 पदों के लिए 20 नाम भेजे जा चुके हैं। वहीं, 2024 की रिक्तियों के विरुद्ध प्रमोशन की प्रक्रिया चल रहे हैं। इसमें 15 अप्रैल तक आवेदन मांगे गए थे। अब स्क्रूटनी के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। आरएएस एसोसिएशन ने राज्य सरकार के नॉन सिविल सर्विस सेवा से आईएएस में प्रमोशन के निर्णय को चुनौती दी थी।

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