रांची| झारखंड हाईकोर्ट ने गैस एजेंसियों के ग्राहकों को बिना सहमति दूसरी एजेंसी में स्थानांतरित करने के फैसले पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह आदेश जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की अदालत ने बुधवार को देवी गैस एजेंसी सहित 12 गैस वितरकों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और बीपीसीएल से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 29 जुलाई को निर्धारित की गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रूपेश सिंह ने अदालत को बताया कि गैस कंपनी इंडेन और बीपीसीएल ने 21 फरवरी 2025 को एकतरफा संकल्प जारी करते हुए कई एजेंसियों के ग्राहकों को अन्य एजेंसियों में ट्रांसफर करना शुरू कर दिया है। कंपनियों का तर्क है कि जहां ग्राहकों की संख्या अधिक है, वहां से ग्राहकों को कमजोर और नई एजेंसियों में शिफ्ट किया जाएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधरे।


