बाड़मेर में बीते 6 दिन पीएचईडी की ओर से पानी सप्लाई बंद है। ऐसे में शहर सहित आसपास के गांवों में पानी की भंयकर किल्लत शुरू हो गई है। अभी आगामी 24 घंटे तक पानी सप्लाई नहीं होगी। दरअसल, बाड़मेर लिफ्ट पेयजल परियोजना के तहत बाड़मेर पहुंचने वाला नहरी पानी भगू का गांव से 5 किमी दूर मुख्य पाइप लाइन लीकेज होने से 6 दिन से जीरो प्वाइंट पानी नहीं पहुंच रहा है। पीएचईडी की ओर से बीते 30 दिन से 5 बार शहर में पानी सप्लाई नहरी पानी के नहीं पहुंचने से बंद रखी गई। अब मुख्य लाइन ठीक होने में कम से कम 24 घंटे और लगेंगे। पीएचईडी एसई हजारीलाल बालवां ने बताया- 14 दिसंबर की रात के बाद पाइप लाइन पंप चलते है इंटरनल डिस्ट्रीब्यूट के लिए गैस कीट पैकिंग फट जाने से लीकेज होकर पंप रूम में पानी भर गया था। इस वजह से हमें अप्रत्याशित शटडाउन लेना पड़ा था। पंपिग में मशीनरी डूब गई थी। उसको बाहर निकाला। उसके साथ आसपास बड़ा लीकेज था। उसको ठीक करना जरूरी समझा इसलिए लगातार शटडाउन ले लिया। अनुमान था कि उसको जल्दी से ठीक करके सप्लाई को शुरू कर देंगे। लेकिन आसपास किसानों के फॉर्म हाउस होने की वजह से पानी लाइन को खाली करने में संभावना से अधिक समय लग गया। इसलिए शटडाउन की अवधि को बढ़ाया गया। इस वजह से आम लोगों को परेशानी हुई है। एसई ने बताया- आज शाम तक जीरो प्वाइंट तक पानी पहुंच जाएगा। कल से बारी-बारी से पानी की सप्लाई अलग-अलग इलाकों में कर दी जाएगी। साल 2007 में बनी थी डिजाइन लेकिन विभाग लापरवाही से हो रहा लीकेज प्रोजेक्ट की मुख्य पाइल लाइन की डिजाइन 2007 के हिसाब से बनी हुई है, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते लाइनों में लीकेज बार-बार हो रहा है। प्रोजेक्ट की ओर से पाइप लाइन की डिजाइन 2037 के हिसाब से बनी हुई है, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते लाइनों में लीकेज बार-बार हो रहा है। प्रोजेक्अ की ओर से पाइल लाइन मेटेंनेस को लेकर टेंडर कर रखा है, लेकिन समय पर मैटेंनस नहीं हो रहा है। इधर पीएचईडी एसई हजारीलाल बालवां की लीकेज समस्या को लेकर भागू का गांव निरीक्षण के लिए पहुंचे। मोहनगढ़ से नहरी पानी भागू का गांव के बाद मुख्य 1422 एमएम पाइप लाइन में एक साा लीकेज हो गए है। लीकेज का पानी खेतों में फैलने से किसानों को नुकसान हो रहा है। प्रोजेक्ट की ओर से लीकेज को ठीक करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन पाइप लाइन में पानी का प्रेशर अधिक होने से लाइन पूरी तरह खाली नहीं हो पा रही। वहीं दूसरी और किसान भी आपत्ति जता रहे है कि एक साथ पाइप लाइन को खाली करने पर पानी प्रेशर से खेतों में पहुंचेगा और फसलों बर्बाद होगी।


