भास्कर न्यूज | कवर्धा कबीरधाम जिले के प्रतापगढ़ (कामठी) में गुरुवार गोंडवाना आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन हुआ। पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ 12 जोड़ों ने विवाह बंधन में बंधकर नया जीवन शुरू किया। आयोजन में गोंडवाना संस्कृति की झलक साफ दिखी। पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीत और नृत्य ने माहौल को जीवंत बना दिया। मुख्य अतिथि पाली-तानाखार विधायक तिरुमाल तुलेश्वर मरकाम ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने, आर्थिक बोझ कम करने और परंपराओं को जीवित रखने की दिशा में मजबूत कदम है। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रयास नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में मददगार है। 2006 में हुई सम्मेलन की शुरुआत: इस सम्मेलन की शुरुआत वर्ष 2006 में पेनवासी तिरुमाल हीरा सिंह मरकाम ने की थी। वे भी पाली-तानाखार से विधायक रह चुके हैं। तब से हर साल अक्षय तृतीया पर यह आयोजन होता आ रहा है। समाज के सहयोग और कार्यकर्ताओं की मेहनत से यह आयोजन सफल होता है। बताया कि गोंडवाना आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन अब केवल सामाजिक आयोजन नहीं रहा। यह आदिवासी अस्मिता, आत्मसम्मान और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बन चुका है। यह आयोजन समाज की एकजुटता और संस्कृति के सम्मान का संदेश देता है।


