पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत डेरवा और पोसैता के बीच जंगल में 13 अगस्त 2025 को हुई पुलिस व माओवादियों के बीच मुठभेड़ मामले में सीआईडी ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। यह सीआईडी थाना में वर्ष 2026 की पहली प्राथमिकी है। अब इस पूरे मुठभेड़ प्रकरण की जांच सीआईडी करेगी। माओवादियों के विरुद्ध अभियान चला रही झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम 13 अगस्त 2025 की सुबह गोइलकेरा के जंगल में सर्च ऑपरेशन पर थी। इसी दौरान माओवादियों के साथ मुठभेड़ हो गई, जिसमें एक माओवादी मारा गया। मारे गए माओवादी की पहचान छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले निवासी अरुण करकी के रूप में हुई थी। उसके विरुद्ध झारखंड सरकार ने दो लाख का इनाम घोषित कर रखा था। मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया था। जिसमें मौके से कई हथियार और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी। इस मामले को लेकर सीआईडी ने गोइलकेरा थाना से वहां दर्ज प्राथमिकी से संबंधित सभी जानकारी और कागजात साझा करने का निर्देश दिया था। सीआईडी के आदेश पर गोइलकेरा थाना ने उक्त प्राथमिकी एवं उससे जुड़े सभी दस्तावेज सीआईडी को भेज दिए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर सीआईडी ने अपने थाना में केस को री-रजिस्टर कर लिया है। अब सीआईडी की टीम पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच करेगी, जिसमें मुठभेड़ की परिस्थितियां, बरामद हथियार, ऑपरेशन में शामिल बलों की भूमिका और अन्य कानूनी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।


