गोद लेने में लोग बेटियों को दे रहे प्राथमिकता, झारखंड से प्रत्येक वर्ष 7 से 9 बच्चों को विदेशी दंपती ले रहे गोद

सिटी एंकर बच्चों को गोद लेने में पिछले कुछ सालों में तेजी आई है। देश के ही नहीं, विदेशी दंपती भी बच्चों को गोद लेने के लिए भारत का रुख कर रहे हैं। इसमें झारखंड का योगदान भी साल दर साल बेहतर होता जा रहा है। केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड से हर साल 7 से 9 बच्चों को विदेशी नि:संतान दंपती गोद ले रहे हैं। वहीं झारखंड के 80 से 90 बच्चों को हर साल गोद लिया जा रहा है। इसमें सबसे अधिक संख्या रांची जिले के बच्चों की है। इसमें भी पॉजिटिव यह है कि जितने बच्चे गोद लिए जा रहे हैं, उनमें लड़कों से अधि​क संख्या लड़कियों की है। पिछले पांच साल में झारखंड के 427 बच्चों को गोद लिया जा चुका है। 11 एडॉप्शन एजेंसी में उपलब्ध बच्चे कुल एडॉप्शन एजेंसी का नाम बच्चे लिए के संख्या उपलब्ध करुणा एनएमओ, रांची 25 12 सहयोग विलेज, खूंटी 06 01 सहयोग विलेज, रांची 15 01 जीपीवीएस, धनबाद 22 06 वीजीएसकेवीएम, जामताड़ा 00 00 इरा इंस्टीट्यूट, देवघर 33 07 जीएसकेवीएम, लोहरदगा 08 00 सहयोग विलेज, जमशेदपुर 50 05 सृजन विलेज, हजारीबाग 12 04 जीजीएस आश्रालय, सिमडेगा 07 02 जीपीवी संस्था, दुमका 01 00 कारा के अनुसार झारखंड के बच्चों को गोद लेने की स्थिति वर्ष लड़का लड़की लड़का लड़की 2023-24 35 49 03 08 2022-23 37 45 04 05 2021-22 32 35 03 04 2020-21 44 35 01 04 2019-20 40 36 03 04 अॉनलाइन प्रक्रिया की वजह से बढ़ रही गोद लेने वालों की संख्या गोद लेने की प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी है। शुल्क भी ऑनलाइन ली जाती है। यही वजह है कि झारखंड के बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इच्छुक दंपती को कारा की वेबसाइट www.cara.nic.in पर जाकर एक रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन के समय जानकारी मिल जाती है कि किस एजेंसी में कितने बच्चे गोद लेने के लिए उपलब्ध हैं। भावी अभिभावक को 2-3 बच्चों का ऑप्शन भी दिया जाता है। विदेश में देश में

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