गोरखपुर में रिटायर इंस्पेक्टर के बेटे ने फंदा लगाकर जान दे दी। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की पुष्टि हुई, लेकिन इस खौ़फनाक कदम के पीछे का कारण अभी तक साफ नहीं हो सका है। युवक की 19 जनवरी को सगाई होनी थी। मौत से खुशियां मातम में बदल गईं।
मोहद्दीपुर निवासी हरदेव प्रसाद पुलिस इंस्पेक्टर के पद से रिटायर हैं। उनके 35 साल के बेटे मनोज कुमार प्रभाकर ने बताया कि उसकी सगाई 19 जनवरी को तय की थी और शादी जून में प्रस्तावित थी। बुधवार रात को भी वह बिना खाना खाए सोने चला गया था। अगले दिन सुबह जब वह देर तक कमरे से बाहर नहीं आया तो परिजन उसे जगाने पहुंचे। काफी देर तक आवाज देने के बाद भी जब उसकी कोई आवाज नहीं आई तो उन लोगों ने कमरे के अदंर देखा। कमरे में मनोज का शव फंदे से लटक रहा था। यह देखकर उनके पिता की चीख निकल गई। बताया कि सात बच्चों में मनोज सबसे छोटे थे। उन्होंने MBA किया था और कुछ समय तक नौकरी भी की थी। वह अपना खुद का व्यापार शुरू करने की योजना बना रहे थे। मनोज के बड़े भाई प्रमोद ने बताया कि मनोज का स्वभाव बहुत मिलनसार था। वह अक्सर परिवार के साथ वक्त बिताता और हमेशा खुश रहता था। प्रमोद ने यह भी बताया कि मनोज ने अपनी सगाई और शादी के लिए दो शूट भी खरीद रखे थे, जिससे यह और भी हैरान करने वाला लगता है। प्रमोद ने कहा, “हम सभी बहुत परेशान हैं। हम यह जानने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं कि उसने यह कदम क्यों उठाया। इसके लिए हमने पुलिस को उसका मोबाइल सौंप दिया है ताकि मामले की सही जांच हो सके।” पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है, और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही आत्महत्या के कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल, यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग इस तरह के दुखद घटनाओं के पीछे छिपे मानसिक दबाव और तनाव के मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं।


