गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र के रजही मौर्या टोला में सोमवार शाम रिटायर्ड लेखपाल बालेंद्र सिंह व परिवार को बंधक बनाकर बदमाशों ने 80 लाख की लूट की घटना को अंजाम दिया था। इस दौरान घर में खेल रहे दो साल के जुड़वा बच्चों की गर्दन पर चाकू रखकर बदमाशों ने भागते समय धमकी दी थी कि अगर पुलिस को बताया तो जेल से छूटकर पूरे परिवार को गोली मारेंगे। इसके बाद से ही पूरा परिवार दहशत में है। बताया जा रहा है कि बदमाश सीमेंट व्यापारी के बारे में पूछ रहे थे। पुलिस ने इस मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में चार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। रिटायर्ड लेखपाल ने बताया पूरा घटनाक्रम
पीड़ित बालेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि सोमवार शाम करीब 6 बजकर 42 मिनट पर दो बाइकों से चार बदमाश उनके घर पहुंचे और गेट की घंटी बजाई। उन्हें लगा कि कोई कुरियर वाला आया है। लेकिन जैसे ही गेट खोला, बदमाशों ने सीमेंट का रुपया मांगना शुरू कर दिया। बताया कि उनकी कोई दुकान नहीं है, तभी एक बदमाश ने उनके सिर पर बट से वार कर फोड़ दिया। अन्य तीन बदमाश कनपटी पर पिस्टल सटाकर जबरन उन्हें घर के अंदर ले गए। इसके बाद उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। बदमाशों ने घर के तीन कमरों में रखी अलमारियों की चाबियां लेकर जेवर और करीब चार लाख रुपये नकद निकाल लिए। इस दौरान परिवार की महिलाओं के पहने हुए जेवर भी ले लिए और उन्हें भी एक कमरे में बंद कर दिया। एक अलमारी के लॉकर की चाबी नहीं मिलने पर बदमाशों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि बदमाशों ने डेढ़ साल के पोते के गले पर तमंचा और चाकू सटाकर धमकी दी कि चाबी नहीं मिली तो बच्चे को मार देंगे। मजबूरी में बालेंद्र सिंह ने लॉकर तोड़ने की बात कही, जिसके बाद बदमाशों ने लॉकर तोड़कर उसमें रखा सामान भी लूट लिया। घर में 39 मिनट मचाया तांडव
घर में 39 मिनट तक तांडव मचाने के बाद करीब सात बजकर 21 मिनट पर बदमाश जाते-जाते धमकी दी कि यदि पुलिस को सूचना दी गई तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा। बालेंद्र सिंह ने बताया कि यदि उन्होंने जरा भी विरोध किया होता तो शायद बदमाश पूरे परिवार की हत्या कर देते। बताया कि बदमाशों की भाषा और लहजा पूरी तरह स्थानीय था। इससे वे आसपास के ही रहने वाले हो सकते हैं।
गांव की ओर निकल गए बदमाश
बदमाश उसी रास्ते से गांव की ओर भाग निकले, जो एयरफोर्स से रजही की ओर जाता है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस ने खंगाली लेकिन रात के अंधेरे के कारण कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिल सका। हालांकि पुलिस का मानना है कि बदमाश जानबूझकर गांव की ओर गए, ताकि मुख्य सड़क पर निकलकर पुलिस को चकमा दे सकें।
एडीजी और डीआईजी ने किया निरीक्षण
मंगलवार सुबह एडीजी जोन गोरखपुर मुथा अशोक जैन, डीआईजी रेंज डॉ. एस चन्नप्पा, एसपी सिटी अभिनव त्यागी और एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार से पूछताछ की। अधिकारियों ने इलाके के लोगों को सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और घरों में मजबूत लोहे के दरवाजे व ताले लगवाने की सलाह दी। पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच ने दो संदिग्धों को उठाया है। पूरे इलाके की सीसीटीवी कैमरों फुटेज की जांच कर क्लू तलाश करने में पुलिस की टीमें लगी हैं। माना जा रहा है इन संदिग्धों की मदद से जल्द ही पुलिस घटना का पर्दाफाश कर लेगी।
घटना के बाद दहशत में लोग
घटना के बाद से आसपास के लोग भी सहमे हुए हैं। पीड़ित के पटीदार राजेश सिंह ने बताया कि उनकी सीमेंट की दुकान है। अब ऐसी आशंका जताई जा रही है कि बदमाश संभवत उनकी सीमेंट की दुकान को निशाना बनाने आए थे क्योंकि दोनों मकानों के गेट एक जैसे ही हैं।
घंटी को याद कर दहशत में परिवार
बदमाशों ने सबसे पहले दरवाजे की घंटी बजाई थी, इसके बाद पूरी वारदात को अंजाम दिया। मंगलवार को परिवार के लोग डोरबेल को याद करते हुए सहम जा रहे थे। महिलाएं घर से बाहर नहीं निकलीं। आसपास के लोग और रिश्तेदारों की भीड़ जुट गई थी। बालेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी तीन बेटियां हैं जो बाहर रहती हैं। उनके भी जेवर घर में रखे हुए थे।
इस संबंध में एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि लूट की वारदात के बाद आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही इस वारदात का पर्दाफाश किया जाएगा। अब विस्तार से जानें पूरा मामला गोरखपुर में बदमाशों ने रिटायर लेखपाल और उनके परिवार को बंधक बनाकर 80 लाख की लूट की। सोमवार शाम करीब 7 बजे 4 नकाबपोश उनके घर में घुसे। कनपटी पर पिस्टल सटाकर सभी को एक कमरे में बंद कर दिया। लेखपाल ने शोर मचाने की कोशिश की, तो पिस्टल की बट से हमला कर उनका सिर फोड़ दिया। फिर उनके 2 पोतों के सिर पर पिस्टल लगाकर बोले- अलमारियों की चाबियां दे दो, वरना दोनों को मार डालूंगा। लेखपाल ने सभी चाबियां बदमाशों की दे दीं। 25 मिनट में बदमाशों ने तीन कमरों को खंगाला। इसके बाद 50 लाख रुपए से अधिक के जेवरात और 2.5 लाख कैश लूटकर फरार हो गए। बदमाश 2 बाइक से आए थे। घर के आसपास लगे सीसीटीवी में सभी कैद हो गए। पुलिस बदमाशों की तलाश में दबिश दे रही है। घटना एम्स थाना क्षेत्र की है। विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… रिटायर लेखपाल के दरवाजा खोलते ही कनपटी पर पिस्टल सटाई
गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र स्थित रजही मौर्या चौराहा पर रिटायर लेखपाल बालेंद्र (70) रहते हैं। उन्होंने बताया कि शाम करीब 7 बजे मेरी पत्नी ऊषा सिंह किचन में थीं। बहू कल्पना सिंह और छोटे भाई तेजबहादुर सिंह की पत्नी पूर्णिमा सिंह भी वहीं थीं। इसी बीच मकान की घंटी बजी। मैंने सोचा कि दूध वाला आया होगा। मैं दरवाजा खोलने चला गया। जैसे ही मैंने दरवाजा खोला एक नकाबपोश बदमाश ने मेरी कनपटी पर पिस्टल सटा दी। इसके बाद वह मुझे घर के अंदर ले आया। उसके साथ उसके तीन साथी और घुस आए। बदमाशों ने किचन से सभी को बाहर निकलने को कहा। इसके बाद सभी को पिस्टल दिखाते हुए उनके सोने के जेवरात उतरवा लिए। फिर सभी को एक कमरे में बंद कर दिया। मैंने शोर मचाया तो मेरे सिर पर पिस्टल की बट मारीं। इससे मेरा सिर फट गया। मैं लहूलुहान हो गया। चाबी देने से मना किया तो पोतों को उठाया
बदमाशों ने अलामारी की चाबियां मांगी। मगर हम लोगों ने देने से मना कर दिया। तभी बदमाशों ने मेरे 2 पोतों को उठा लिया। उनके सिर पर पिस्टल लगाकर बोले- चाबियां दो, वरना दोनों को मार दूंगा। सभी लोग डर गए। इसके बाद घर की महिलाओं ने चाबियां दे दीं। बदमाशों ने घर के तीन कमरों में रखी अलमारियों को खोला और उसमें रखे जेवर और नकदी ले गए। फुटेज में बदमाश बाइक पर जाते दिखे
लेखपाल ने बताया कि मेरे छोटे भाई तेजबहादुर सिंह अंधे हैं। वह बरामदे में सो रहे थे। बदमाशों ने उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। बदमाशों के जाने के बाद लेखपाल ने पुलिस को सूचना दी। एम्स थाना पुलिस, एसपी सिटी अभिनव त्यागी और सीओ जोगेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें बदमाश बाइक से जाते हुए रहे हैं। बालेन्द्र सिंह ने बताया कि बदमाशों की उम्र 22 से 25 साल रही होगी।


