गोल्डन टेंपल को बम से उड़ाने की धमकियों का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। कांग्रेस के फिरोजपुर से सांसद शेर सिंह घुबाया ने स्थगन प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने लोकसभा स्पीकर को लिखकर इस पर चर्चा करने के लिए समय मांगा है। उन्होंने कहा कि अभी तक इस पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया। हम संसद में इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग रखेंगे, ताकि सच सामने आ सके। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के आधिकारिक बयान के अनुसार अब तक 9 धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं, जबकि ये गिनती इससे अधिक मानी जा रही है। भेजने वाले फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर रहे हैं और सिख धर्म के सबसे पवित्र तीर्थस्थल को निशाना बनाने की बात कह रहे हैं। यह फेक या डरावे के लिए भेजी गई ई-मेल हैं, ऐसा सोच मेल्स को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह एक ऐसी चेतावनी है, जिसे पंजाब को उसके इतिहास, भूगोल और वर्तमान की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए गंभीरता से लेना जरूरी है। चार पॉइंट्स में समझें पुलिस जांच के सामने कहां आ रही दिक्कतें कम हो रहे श्रद्धालु, एसजीपीसी चिंतित SGPC प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी इस बात से चिंतित हैं कि हर दिन हजारों श्रद्धालु इस खुले तीर्थस्थान में दर्शन करते हैं। यह एक शांति और सेवा का स्थल है। यहां कोई भी आतंकी हमला न केवल अपवित्रता होगी, बल्कि भारत की सामाजिक एकता को तोड़ने के लिए एक रणनीतिक रूप से रची गई साजिश होगी। साथ ही जनता के साथ पारदर्शी संवाद, तेज जांच और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर फैलाए जा रहे डर को जड़ से खत्म करना उतना ही जरूरी है। जत्थेदार ने खुफिया एजेंसियों की निष्क्रियता पर उठाए सवाल श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने इस पूरे मामले में केंद्र और राज्य की खुफिया एजेंसियों की निष्क्रियता पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बार धमकियों के बावजूद अब तक दोषियों की पहचान नहीं हो पाना चिंता का विषय है। पुलिस का भरोसा, जल्द ही पहचान कर ली जाएगी अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के अनुसार जांच प्रक्रिया जारी है और तकनीकी विश्लेषण में समय लग सकता है। फिलहाल शुभम दुबे नामक व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही संदिग्धों की पहचान कर ली जाएगी। पंजाब पुलिस ने दो FIRs दर्ज की हैं। राजनीतिक अखाड़ा बन रही गोल्डन टेंपल की सुरक्षा गोल्डन टेंपल को बम से उड़ाने की दी जा रही धमकियां राजनीतिक अखाड़ा बन रही हैं। विपक्षीय पार्टियां लगातार सरकार को घेरने पर उतारू हैं। अश्वनी शर्मा ने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गुरु घर को मिल रही धमकियों को भगवंत मान सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि सरकार तीन दिन बाद जागी और फिर कार्रवाई की गतिविधियां शुरू कीं, जिससे साफ है कि राज्य सरकार गहरी लापरवाही और बेहोशी की हालत में है। कांग्रेस सांसद गुरजीत औजला ने गृहमंत्री अमित शाह को खत लिख मांग रखी कि गोल्डन टेंपल की सुरक्षा कें लिए सेंट्रल फोर्सेस लगाई जाएं। हालांकि गोल्डन टेंपल के मुख्य ग्रंथी व पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने इसका विरोध किया। सुरक्षा व्यवस्था और जांच


