गोल्डन टेंपल में 3 घंटे में 2 लाख श्रद्धालु पहुंचे:गुरु के आशीर्वाद से 2025 की शुरुआत; लंगर हॉल के पीछे के कमरे भी खोलने पड़े

गुरु नगरी के निवासियों के साथ-साथ देश-विदेश से आए टूरिस्टों ने गोल्डन टेंपल में 2025 का आगाज किया। 31 दिसंबर की सुबह से ही श्रद्धालु गोल्डन टेंपल में माथा टेकने के लिए पहुंच रहे थे। रात 9 से 12 बजे के बीच 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने स्वर्ण मंदिर में माथा टेका। स्थिति यह थी कि पैर रखने तक की जगह नहीं थी। वहीं, अनुमान लगाया जा रहा है कि नए साल के पहले दिन करीब 3 लाख श्रद्धालु गोल्डन टेंपल में दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं। रात 9 बजे से ही गोल्डन टेंपल में भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। भीड़ इतनी अधिक हो गई कि लोगों को गोल्डन टेंपल की परिक्रमा में पैदल चलने में भी मशक्कत करनी पड़ी। परिक्रमा में चारों तरफ श्रद्धालु ही श्रद्धालु नजर आए। लोग जहां जगह मिली वहीं बैठ गए और रात 12 बजने का इंतजार करते हुए नाम का जाप करते नजर आए। इस दौरान श्रद्धालु पूरे समय बैठकर श्री सुखमनी साहिब का पाठ करते रहे। जैसे ही घड़ी ने 12 बजाए, गोल्डन टेंपल जयकारों से गूंज उठा जैसे ही घड़ी ने 12 बजाए, पूरे गोल्डन टेंपल में 1 लाख से ज़्यादा श्रद्धालु उमड़ पड़े और ‘जो बोले सोनिहाल’ के नारे लगाने लगे। यह भीड़ रुकने वाली नहीं है। अनुमान के मुताबिक आज 3 लाख से ज़्यादा श्रद्धालु गोल्डन टेंपल में माथा टेकने पहुंचेंगे, लेकिन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है। लंगर हॉल के सभी कमरे खोलने पड़े गोल्डन टेंपल में सचखंड साहिब के कपाट बंद होते ही भीड़ लंगर साहिब की ओर बढ़ने लगी। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि लंगर हॉल के पीछे बने नए कमरों को भी खोलना पड़ा। जितने श्रद्धालु हॉल के अंदर मौजूद थे, उतने ही बाहर भी इंतजार कर रहे थे, लेकिन सेवा में कहीं कोई कमी नहीं दिखी। रात को हॉल के दूसरी तरफ नए साल पर बनने वाले व्यंजनों की सेवा भी चल रही थी। जहां जगह मिली, वहीं बैठ गए श्रद्धालु रात 12 बजने का इंतजार कर रहे लोगों को स्वर्ण मंदिर में जहां जगह मिली, वहीं बैठ गए। शेड भीड़ से भर जाने के बाद, परिक्रमा में चलने के लिए बिछे टाट पर ही बैठ गए। चारों तरफ श्रद्धालुओं की भीड़ ही देखने को मिल रही थी। तस्वीरों में देखें गोल्डन टेंपल में नया साल-

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