भास्कर न्यूज | बैकुंठपर कोरिया जिला के एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र में एक बार फिर फुटबॉल के प्रति दर्शकों की दीवानगी देखने को मिलेगी। एसईसीएल बैकुंठपुर के चरचा कॉलरी क्षेत्र में आयोजित होने वाला अखिल भारतीय शेषन स्मृति गोल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट इस वर्ष अपने 50वें पड़ाव पर पहुंच गया है। स्वर्ण जयंती वर्ष होने से यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि आधी सदी की खेल विरासत और उपलब्धियों का उत्सव बन गया है। इसे लेकर एसईसीएल प्रबंधन खास तैयारी कर रहा है। यहां बता दें कि 3 फरवरी से शुरू होने वाला यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट लगातार 10 दिन चलेगा और 13 फरवरी को फाइनल मुकाबले के साथ इसका समापन होगा। इस बार आयोजन को लेकर स्थानीय खेल प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पांच दशकों से यह टूर्नामेंट न सिर्फ भारतीय फुटबॉल को मजबूत आधार देता आया है, बल्कि ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच भी प्रदान करता रहा है। एसईसीएल प्रबंधन और आयोजन समिति स्वर्ण जयंती संस्करण को ऐतिहासिक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। खेल मैदान को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। वहीं खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन और चिकित्सा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले के 50 िखलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके शेषन स्मृति गोल्ड कप की सबसे बड़ी पहचान यह रही है कि यहां से निकले कई स्थानीय खिलाड़ी आगे चलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ चुके हैं। बताया जाता है कि अब तक 50 से अधिक खिलाड़ी इस टूर्नामेंट के माध्यम से पहचान बनाकर बड़े मंच तक पहुंचे हैं। यही कारण है कि यह प्रतियोगिता युवा खिलाड़ियों के लिए सपनों की उड़ान साबित होती रही है।


