गोवर्धन पूजा की महिमा और अहंकार त्याग की शिक्षा दी

भास्कर न्यूज | लुधियाना वेद निकेतन धाम पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन अनूठी गंगा बही। अनंत विभूति 1008 महामंडलेश्वर स्वामी वेद भारती महाराज के सान्निध्य में कथा व्यास रविनंदन शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य बाल लीलाओं का जीवंत वर्णन किया। कथा व्यास ने पूतना उद्धार और माखन चोरी के प्रसंगों के उपरांत गिरिराज गोवर्धन पूजा की महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब इंद्र देव को अपनी शक्तियों पर अहंकार हो गया था, तब भगवान कृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर न केवल ब्रजवासियों की रक्षा की, बल्कि इंद्र के अभिमान को भी चूर-चूर कर दिया। शास्त्री ने जोर देकर कहा कि गोवर्धन पूजा हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और जीवन में अहंकार के त्याग की सबसे बड़ी शिक्षा देती है। माखन चोरी के प्रसंग के दौरान जरा चल के वृंदावन वेख, श्याम माखन चुराते दिखेंगे… भजन से श्रद्धालु झूम उठे। समारोह का शुभारंभ मुख्य यजमानों द्वारा ध्वजारोहण और गुरु गद्दी पूजन के साथ हुआ। आरती में स्वामी प्रिया भारती, अमिता भारती सहित अन्य धार्मिक विभूतियां शामिल हुईं। कार्यक्रम को सफल बनाने में सुंदर दास मोंगा, नरेश बांसल, पवन कत्याल, साहिल खुराना और अमित दुआ सहित ट्रस्ट के प्रमुख सदस्यों का विशेष योगदान रहा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *