गोामाता के भजनों के साथ लालजी का खेड़ा में नानीबाई का मायरा कथा शुरू

|चित्तौड़गढ़ | शहर के समीपवर्ती गांव लालजी का खेड़ा में गोसेवा के निमित चार दिवसीय नरसजी का पावन चरित्र नानीबाई का मायरा कथा महोत्सव शनिवार से शुरू हो गया। कथाा महोत्सव से पूर्व गांव के चारभुजानाथ मंदिर से कलश यात्रा सुबह दस बजे शुरू हुई। 700 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर रखे थे। ठाकुरजी का बेवाण भी कलश यात्रा व शोभायात्रा में भक्त लिए चल रहे थे। कई जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। एक किलोमीटर की दूरी पर जाने में दो घंटे का समय लगा। ढोल नगाडों, डीजे साउंड पर बज रहे भजनों की गूंज के साथ ही हरिनाम संकीर्तन यात्रा के रूप में कलश यात्रा नंदिनी गोशाला में आयोजित कथा स्थल पर पहुंची। हरे कृष्ण प्रभु राकेश पुरोहित स्वयं कलश यात्रा में जय गो माता जय गोपाल के जयकारे लगाते हुए गोमाता की महिमा बताते हुए चल रहे थे। कथा स्थल पर पहुंचने के बाद गोभक्त, प्रशासनिक संत राकेश पुरोहित ने गोमाता की पूजा अर्चना की। इसके बाद व्यास पीठ की पूजा अर्चना के साथ ही सांवलिया सेठ व गोमाता के जयकारों के साथ ही चार दिवसीय कथा महोत्सव शुरू हुआ। व्यास पीठ से कथा का वाचन करते हुए हरे कृष्ण प्रभु राकेश पुरोहित ने नरसीजी के जन्म और हुंडी स्वीकार करने सहित कई पावन प्रसंगों का वर्णन करते हुए कथा की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि जीवन में कठोर नियम भी जरुरी होते थे। संतों के सानिध्य के साथ ही सत्संग का महत्व को जानना चाहिए, क्योंकि सत्संग के बिना विवेक न होय है। जीवन में भगवान की भक्ति से पहले भरोसा होना चाहिए। ये भरोसे की ही महागाथा है। मनुष्य के जीवन में संतों के आशीर्वाद से जो रुके हुए काम हैं, वह भी आसान हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य सच्चे मन से अगर भगवान को प्रार्थना करेतो परमपिता परमात्मा भी उसकी मदद अवश्य करने आते है। पुरोहित ने कहा कि ये कथा स्थल भगवान देवनारायण की महिमा से जुड़ी है। हम सभी गौ घाट पर बैठे है। त्रिलोकी नाथ कृष्ण की लीला अपरंपार है। इधर कथा महोत्सव स्थल पर तुला दान सहित अन्य कार्यक्रम भी गोसेवार्थ हो रहे हैं। कथा श्रवण के लिए प्रसिद्व गो भक्त सिंयाना गोशाला के धरमू भाई सहित अन्य गोभक्त व अन्य राज्यों से भी श्रद्वालु पहुंचे हैं। कई जनप्रतिनिधियों ने भी कलश यात्रा का स्वागत कर कथा श्रवण की। आसपास के गांवों से भी श्रद्वालु पहुंचे। पहली बार छोटे से गांव में इस तरह के बड़े कथा आयोजन को लेकर उत्साह सामने आ रहा है। आयोजन से जुड़े सरपंच मुकेश गुर्जर ने बताया कि इस गो कथा का मुख्य उद्देश्य लालजी का खेड़ा में नंदिनी गौशाला में ही घायल और बीमार गोवंशों के लिए धनंवतरि सुविधा शुरू की है। इसके तहत एक हॉस्पिटल बनाया जाएगा। एंबुलेंस सहित अन्य सुविधाएं उपचार के लिए होगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *