जिला परिषद का बजट ठिकाने लगाकर पंचायत समिति भुसावर की ग्राम पंचायत रोटी में बड़ा घोटाला सामने आया है हां मौके पर न सीसी इंटरलॉकिंग सड़क और न ही अंबेडकर भवन और अंबेडकर भवन की चार दीवारी का निर्माण हुआ है। वहीं दूसरी ओर 24.50 लाख के इन 4 कामों के 12 लाख 18 हजार 200 रुपए उठा लिए गए हैं। इनके अलावा 54.94 के अन्य ऐसे कार्य है, जो आहे लेकिन भुगतान 32 लाख से ज्यादा कर दिया गया। पिछले 2 साल से ये काम अटके हैं और इन्हें पूरा करने का समय खास बात ये है कि इस संबंध में पंचायत समिति स्तर पर शिकायत भी लेकिन आजतक कोई कार्रवाई नहीं ई है। जब मामला जिला परिषद तक पहुंचा तो तीन सदस्यीय जांच कमेटी 19 जुलाई 2025 को बनाई, लेकिन 2 माह बाद भी आजतक ग्राम पंचायत ने रिकॉर्ड ही उपलब्ध नहीं कराया है और न ही दूसरी व सीसी सर्टिफिकेट ए हैं। जिला परिषद के सीईओ ने 26 कोमविकास सचिव की किया। जिसे अब 3 अक्टूबर जांच कमेटी को कराने के निर्देश दिए गए हैं। ये अन्य निर्माण कार्य जिनके लिए भी उठा बजट पर काम नहीं हुए
– सीसी इंटरलॉकिंग ईंट खभंजा सड़क निर्माण कार्य.. सीसी इंटरलॉकिंग इंट खांना सड़क निर्माण कार्य मोजी मोड से राउमवि झारोटी नगला पोसी की ओर बनाई जानी थी। इसकी राज्य वित्त आयोग पठम योजना के तहत 4.50 लाख रुपए को वित्तीय स्वीकृति 25 मार्च 2023 को भी इसका निर्माण कार्य महीने 10 दिन में सोना था। परंतु इसका आनतक निर्माण नहीं कराया गया और 27 मार्च 2023 को 4 लाख 18 हजार 505 रुपए का भुगतान भी कर दिया गय। अंबेडकर भवन की चारदीवारी अंबेडकर भवन की चारदीवारी निर्माण 15वें विस आयोग योजना में होना था. जी आजतक नहीं हुआ है। जिससे किय स्वीकृति 10 लाख सम की 17 फरवरी 2023 को हुई और 5 महीना 15 दिन का सम दिख गया। ये काम किए किसी 2 व 2223 को 4 लाख 99 हजार 320 रुपए का बिल पेश करके भुगतान जया लिया है। पंच बाई की चार दीवारी निर्माण कार्य पंच थाई की चार दीवारी का निर्माण कार्य होना था, लेकिन वह आजतक नहीं बनाई गई है। इसकी राज्य विन आयोग षष्ठम योजना में 5 लाख रुपए की विनतीय स्वीकृति 17 जुलाई 2023 को हुई थी। इसका 16 अगस्त 2023 को 1 लाख 89 हजार 200 रुपए का बिल पेश करके भुगतान उठा लिया गया। अंबेडकर भवन निर्माण का निर्माण कार्य एमएलए फंड से होना है, जिसकी वित्तीय स्वीकृति 2 नवंबर 2022 को 5 लाख रुपए की हुई। परंतु अंबेडकर भवन आजतक नहीं बना है और 17 फरवरी 2023 को 1 लाख 10 हजार 395 रुपए का बिल देकर भुगतान उठा लिया गया। मौके पर देखा तो यहां केवल जंगल ही नजर आया निर्माण कार्य कहीं नहीं दिखाई दिया। 3 सदस्यीय कमेटी बनाई है, ग्राम पंचायत ने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया है। इस वजह से जांच जारी है। ग्राम विकास अधिकारी को 26 सितंबर को तलब कर 3 अक्टूबर तक रिकॉर्ड जांच कमेटी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-मृदुल सिंह आईएएस, सीईओ, जिला परिषद भरतपुर


