हनुमानगढ़ के राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, जयपुर के आह्वान पर ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कार्मिकों का बेमियादी कार्य बहिष्कार शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। इस हड़ताल के कारण पूरे प्रदेश में फसली ऋण वितरण, वसूली और सदस्यता अभियान सहित कई जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की जिला इकाई ने शुक्रवार को अपनी मांगों के संबंध में हनुमानगढ़ केन्द्रीय सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक को बैंक के प्रबंध निदेशक के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कॉमन कैडर के गठन, नियमितीकरण, सेवा नियमों में संशोधन और सहकारी बैंकों में व्यवस्थापकों से शत-प्रतिशत नियुक्ति जैसी पुरानी मांगों को दोहराया गया। साथ ही, हाल ही में जारी विभागीय आदेशों पर भी कड़ी आपत्ति जताई गई। समिति प्रतिनिधियों ने बताया कि राजस्थान प्रदेश में सहकारी समिति कार्मिकों की मांगों के समाधान के लिए यह आंदोलन किया जा रहा है। इसके समर्थन में जिला इकाई ने 23 सितंबर को काली पट्टी बांधकर विरोध-प्रदर्शन किया था। 26 सितंबर को उप रजिस्ट्रार के माध्यम से मुख्य सचिव, सहकारिता मंत्री, सहकारिता सचिव, रजिस्ट्रार, अपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक, जिला कलेक्टर और हनुमानगढ़ केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक व अध्यक्ष को 29 सितंबर से प्रत्येक समिति स्तर पर कार्य बहिष्कार शुरू करने के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया था। इसी क्रम में, जिला इकाई की ओर से हनुमानगढ़ केन्द्रीय सहकारी बैंक की सभी शाखाओं के समक्ष बेमियादी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर अक्षय कुमार, महावीर, गजेंद्र और विनोद सहित कई अन्य कार्मिक मौजूद रहे।


