सीकर शहर में बैंक ऑफ़ बड़ौदा का ग्राहक सेवा केंद्र संचालक खाताधारकों के लाखों रुपए लेकर फरार हो गया। ग्राहक सेवा केंद्र संचालक ने FD,गोल्ड लोन,रुपए जमा करने के नाम पर यह राशि हड़प ली। संचालक ने FD के फर्जी डॉक्यूमेंट बनाकर भी दिए। केंद्र संचालक सुरेंद्र ने 12.23 लाख रुपए हड़प लिए। अब कोतवाली थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। पहला मामला : सीकर के रामपुरा निवासी नरेश कुमार ने शिकायत देकर बताया कि सुरेंद्र कुमार ढाका ने बैंक ऑफ बड़ौदा का ग्राहक सेवा केंद्र ले रखा है। जो फागलवा पेट्रोल पंप ब्रांच के सामने स्थित है। सुरेंद्र कुमार ने 10 जून 2024 को नरेश कुमार की मां कमला के नाम से 5 लाख रुपए FD/म्युचुअल फंड के,4 जुलाई 2025 खुद नरेश के नाम से डेढ़ लाख और बहन सुनीता के नाम से 1 लाख रुपए की FD के 3 दिसंबर 2019 को दिए थे। बहन कंचन के नाम से 1 लाख रुपए FD के जमा करवाए। जब 19 जनवरी 2026 को वह पैसे लेने के लिए गया तो ग्राहक सेवा केंद्र बंद मिला। जब नरेश ने सुरेंद्र को कॉल किया तो उसका नंबर स्विच ऑफ आ रहा था। इसके बाद नरेश ब्रांच में गया और उसने सुरेंद्र के बारे में पूछा तो ब्रांच के स्टाफ ने कहा कि वह घूमने के लिए गया हुआ है एक-दो दिन इंतजार करो वापस आ जाएगा। इसके बाद 21 जनवरी को नरेंद्र वापस ग्राहक सेवा केंद्र के पास गया तो उसे केंद्र वापस बंद मिला। जब उसने बैंक में पूछताछ की तो पता चला कि सुरेंद्र तो फरार हो गया। सुरेंद्र के द्वारा नरेश को जो डॉक्यूमेंट दिए गए थे उनकी जांच करवाने पर पता चला कि सभी फर्जी है। इन सभी डॉक्यूमेंट पर बैंक की सील भी लगी हुई थी। इस वजह से नरेश और उसके परिवार ने डॉक्यूमेंट को हकीकत मान लिया था। दूसरा मामला : दूसरे मामले में हीरालाल ने शिकायत देकर बताया कि उन्हें सस्ता कम ब्याज में गोल्ड लोन देने की बात कही गई। ऐसे में सुरेंद्र सिंह ढाका के पास 2 हजार रुपए में बैंक अकाउंट खुलवाया गया। सुरेंद्र सिंह ने 8.73 लाख रुपए का गोल्ड लोन दिलवाया। इसमें से 8.50 लाख दिए। फिर सुरेंद्र ने कहा कि यदि आप अभी पैसा जमा करवाते हो तो आपको ब्याज में और छूट मिल जाएगी। इसलिए 15 दिसंबर को हीरालाल ने 2.70 लाख रुपए दे दिए। तब सुरेंद्र ने हीरालाल को कहा कि रुपए जमा होने के बाद वह स्टेटमेंट भेज देगा अभी तो रिकवरी के लिए गया गया हूं। इसके बाद सुरेंद्र कभी मीटिंग में होने तो कभी और कोई बहाना बनाकर गुमराह करता रहा। जब 20 जनवरी को हीरालाल सुरेंद्र के केंद्र पर आए तो वहां केंद्र बंद मिला। हीरालाल ने अपना बैंक स्टेटमेंट चेक करवाया तो पता चला कि जो 2.70 लाख रुपए उन्होंने सुरेंद्र को जमा करवाने के लिए दिए थे वह उसने जमा ही नहीं करवाए। तीसरा मामला : तीसरे मामले में इशरत ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उन्होंने ग्राहक सेवा केंद्र पर 9 दिसंबर 2025 को 60 हजार और 20 दिसंबर 2025 को 43 हजार रुपए जमा करवाए थे। जिसकी सुरेंद्र कुमार ढाका ने रसीद दे दी लेकिन वह रुपए बैंक में जमा ही नहीं हुए। इसका पता उन्हें तब चला जब वह बैंक में पैसे निकलवाने के लिए गए थे। तीनों शिकायतों पर कोतवाली थाना पुलिस ने जॉइंट रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच ASI विद्याधर सिंह कर रहे हैं जिनका कहना है कि अभी मामले में जांच जारी है।


