भास्कर न्यूज | अमृतसर पुलिस ने पप्पी विजय के कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए 17 दिन के बाद 3 आरोपियों को काबू किया है। जांच में सामने आया कि लूट के इरादे से हत्या की गई थी। मृतक पप्पी विजय गांव टिप उपरला जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश का रहने वाला था। आरोपियों की पहचान गुरप्रीत सिंह (36) निवासी गांव विहरा, अजनाला, गुरभेज सिंह उर्फ कालू (20) निवासी गांव इनोकेट जिला गुरदासपुर और विशाल उर्फ मन्ना (20) निवासी जवाहर नगर के रूप में हुई है। आरोपियों की निशानदेही इस्तेमाल किया गया डंडा भी बरामद कर लिया गया है। पप्पी विजय 2 नवंबर से परवाणू से लापता था जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट वहां थाने में दर्ज थी। डीसीपी लॉ एंड आर्डर आलम विजय सिंह ने बताया कि 13 जनवरी को दोपहर एक बजे फ्रीडम ग्रैंड पैलेस के पास एक खाली प्लाट में शव बरामद हुआ था। सिर पर गंभीर चोट के निशान थे और क्रूरता से हत्या की गई थी। पहचान न होने के कारण शव को 72 घंटे तक मोर्चरी में रखवा दिया था। बाद में 20 जनवरी को मृतक के परिजनों ने फोटो और कपड़ों के आधार पर शव की शिनाख्त की। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि 12 और 13 जनवरी की दरमियानी रात पप्पी विजय को लूटने की नीयत से रोका था। विरोध करने पर डंडे से सिर पर वार किया गया जिससे वह बेहोश हो गया। आरोपी उसे खाली प्लॉट में ले गए और जेब से 56 हजार रुपए निकाल लिए। होश में आने पर जब वह चिल्लाने लगा तो पहचान उजागर होने के डर से उसकी हत्या कर दी।


