व्यापार मेले में रोड टैक्स छूट देने के लिए परिवहन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। ग्वालियर और उज्जैन में लगने वाले मेलों के लिए एक साथ अधिसूचना जारी हो सकती है। दोनों कमिश्नरों ने परिवहन विभाग को अलग-अलग प्रस्ताव भेजे हैं। प्रस्तावों पर टैक्स छूट के कारण सरकार को राजस्व के नुकसान का कैलकुलेशन परिवहन विभाग ने कर लिया है। जीएसटी में कमी के कारण इस बार परिवहन विभाग महंगी यानी 25 लाख से ऊपर की गाड़ियों पर कम या बिल्कुल छूट न देने पर विचार कर रहा है। पिछले वर्ष उज्जैन में बड़ी संख्या में लग्जरी गाड़ियां बिकी थीं, जबकि ग्वालियर में ही 1 करोड़ से अधिक कीमत वाली 128 गाड़ियों की बिक्री हुई थी- जिन पर लाखों की टैक्स छूट दी गई। ग्वालियर में व्यापार मेला शुरू होने की तारीख 25 दिसंबर है। इसके तुरंत बाद उज्जैन में भी 1 मार्च से विक्रम व्यापार मेला शुरू होगा। इन मेलों में रोड टैक्स में मिलने वाली 50% छूट सबसे बड़ा आकर्षण होती है। पिछले वर्ष 65 हजार गाड़ियां बिकीं, 419 करोड़ का राजस्व मिला : ग्वालियर और उज्जैन दोनों मेलों में 2024-25 के दौरान कुल 65 हजार से ज्यादा वाहनों की बिक्री हुई थी। ग्वालियर में 28,613 वाहन रजिस्टर्ड हुए और 106 करोड़ रुपए का राजस्व मिला। वहीं उज्जैन में 36,223 वाहनों से 313 करोड़ रुपए की आमदनी हुई। जिम्मेदार बोले- उम्मीद है जल्द नोटिफिकेशन होगा
मेले में टैक्स छूट के बाद ही ऑटोमोबाइल कंपनियां सक्रिय होती हैं। इस बार प्रस्ताव समय से भेज दिया है। जानकारी मिली है कि ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने भी परिवहन विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है। उम्मीद है वित्त और कैबिनेट की मंजूरी के बाद जल्द नोटिफिकेशन होगा। -मनोज खत्री, कमिश्नर ग्वालियर


