सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को प्रदेश के चार संभागों की समीक्षा की। ग्वालियर-चंबल और रीवा-शहडोल संभागों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सरकार की प्राथमिकता और प्रस्तावित विकास योजनाओं पर बिंदुवार चर्चा की। ग्वालियर संभाग की चर्चा के दौरान सीएम ने सभी विधायकों को अपने-अपने विस क्षेत्र का 5 साल का मास्टर प्लान जल्द बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में जेसी मिल प्रबंधन और मजदूरों के लंबित भुगतान से जुड़े विवाद के समाधान की सभी जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएं। ग्वालियर कलेक्टर और संबंधित राजस्व अधिकारी जल्द से जल्द मजदूरों के लंबित भुगतानों का आकलन और मिल की जमीन के सीमांकन से जुड़े काम पूरे करें। इसके साथ ही कोर्ट में लंबित केस की प्रोग्रेस का पता लगाकर उसके समाधान से जुड़ी कार्यवाही को भी आगे बढ़ाएं। सीएम ने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि जेसी मिल का कोई भी मजदूर या दिवंगत मजदूरों के उत्तराधिकारी उनके वाजिब हकों और क्लेम पाने से वंचित न रहे। सांसद-विधायक समेत सभी जनप्रतिनिधियों से लें सुझाव
रीवा-शहडोल संभाग की समीक्षा के दौरान अफसरों से कहा कि जनता से जुड़े कामों पर सांसद-विधायक समेत सभी जनप्रतिनिधियों से सुझाव जरूर लें और अमल भी करें। जिन निर्माण कार्यों से जनता को तुरंत राहत मिलती हो, उन्हें प्राथमिकता से पूरा करें। रीवा संभाग की बैठक में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल और ग्वालियर संभाग की बैठक में उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह भी मौजूद थे। सीएम ने संभागों के प्रभारी एसीएस को जिलेवार समीक्षा बैठक करने के निर्देश भी दिए। गो-वंश विहार शब्द का इस्तेमाल करें
सीएम ने गुना के राघौगढ़ में हाल ही में खुले बोरवेल में गिरने से बच्चे की मौत पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि दोबारा ऐसी घटनाएं न हों। सरकार ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। सीएम ने गोशालाओं के प्रबंधन के दौरान अफसरों द्वारा गो अभयारण्य और गौ वन विहार शब्द इस्तेमाल करने पर स्पष्ट किया कि बड़ी गो -शालाओं के लिए गो-वंश विहार शब्द इस्तेमाल किया जाए। अयोध्या की तर्ज पर चित्रकूट को विकसित करना चाहती है सरकार
सीएम ने सीधी जिले में गोड सिंचाई परियोजना का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की मांग पर शहडोल में सोन नदी पर पुल निर्माण की सहमति दी। रीवा संभाग प्रभारी एसीएस ने बताया कि सतना और रीवा से अलग होकर नए जिले बने मैहर और मऊगंज में नवीन कलेक्ट्रेट भवन बनाए जाने हैं। नए कलेक्ट्रेट भवन पर लगभग 43-43 करोड़ रुपए की लागत आएगी। चित्रकूट नगर परिषद ने 60 करोड़ रुपए और हाउसिंग बोर्ड ने 88 करोड़ रुपए विकास प्रस्ताव शासन को भेजे हैं। इस पर सीएम ने कहा कि राज्य सरकार चित्रकूट को अयोध्या की तर्ज पर विकसित करना चाहती है। रीवा कमिश्नर बीएस जामोद ने बताया कि मां शारदा लोक की प्रारंभिक डिजाइन पर्यटन विभाग ने तैयार कर ली है। निर्माण की मंजूरी की कार्यवाही शासन स्तर पर चल रही है।


