ग्वालियर के महाराजपुरा थाना पुलिस पर मुरैना में बुधवार को हमला हुआ। सिविल लाइन पुलिस ने ग्वालियर पुलिस की तरफ से 12 नामजद आरोपियों और तीन अज्ञात आरोपियों पर बुधवार देर रात हत्या के प्रयास, शासकीय कार्य में बाधा, आरोपी को छुड़ाकर ले जाने और लूट की धाराओं में दर्ज किया है। गुरुवार को मुरैना पुलिस आरोपियों की खोजबीन के लिए गांव पहुंची। हालांकि गांव में सन्नाटा पसरा रहा। इसके बाद पुलिस यहां से रवाना हो गई। गांव पहुंची पुलिस टीम ने बताया कि ग्वालियर के आरक्षक को गोली मारने के बाद ग्वालियर पुलिस और मुरैना पुलिस की टीम संयुक्त रूप से टीम बनाकर आरोपियों के धड़पकड़ में जुटी है। इनपुट मिला है कि आरोपी राजस्थान भाग गए हैं, दोनों टीमें राजस्थान में भी आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश देंगी। यह है पूरा घटनाक्रम 2 नवंबर की देर रात मुरैना के करगवां गांव निवासी रनवीर सिंह गुर्जर ने ग्वालियर के महाराजपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि रात करीब 8 बजे उसके साले सतेन्द्र ने फोन किया कि विरासत होटल के पास आ जाओ। जब रनवीर सिंह वहां पहुंचा तो उसका भतीजा श्याम गुर्जर खून से लथपथ मिला था। श्याम ने रनवीर को बताया कि हद्दू गुर्जर, भूरा गुर्जर, अरविंद गुर्जर, अजीत गुर्जर और उनके साथियों ने पुरानी रंजिश पर उसके साथ मारपीट की है। हत्या के इरादे से उसे उठाकर जमीन पर पटक दिया। फिर हद्दू ने भारी पत्थर उठाकर सिर पर दे मारा। इसी मामले में महाराजपुरा थाना पुलिस बुधवार को हत्या के प्रयास के आरोपी को पकड़ने मुरैना के जनकपुर गांव पहुंची थी। यहां जैसे ही आरोपी हद्दू गुर्जर को पकड़कर गाड़ी में बैठाने की कोशिश की, उसके साथियों ने हमला कर दिया। वे हद्दू को छुड़ा ले गए। पुलिस पार्टी पर हमला और अचानक चली गोली आरक्षक अनिल तोमर घायल हो गए, उनके पैर में गोली लगी। हमलावर आरोपी को पुलिस गिरफ्त से छुड़ा ले गए। पुलिस पार्टी घायल सिपाही को लेकर ग्वालियर अपोलो अस्पताल पहुंची।


