ग्वालियर में ‘पीएम स्वनिधि’ नहीं लुभा रही छोटे दुकानदारों को, न 15 हजार का कर्ज लेने में उत्साह, न बैंक को देने में दिलचस्पी

सड़क पर काम धंधा करने वाले छोटे कारोबारियों में अब न तो 15 हजार के लोन को लेकर उत्साह है न 25 हजार के लिए। जो ज्यादा जरूरतमंद हैं वे आवेदन कर भी रहे हैं तो बैंक उनके साथ परायों जैसा व्यवहार कर थका देते हैं। 70 महीने में प्रधानमंत्री के नाम से चलने वाली पीएम स्वनिधि स्कीम की स्थिति दिसंबर 2025 में बेपटरी हो गई है। कोविड के बाद जो नेटवर्क बना था अब वह औपचारिक हो चुका है। स्कीम फ्लॉप होने का कारण यह भी है कि अब 10 या 15 हजार में काम धंधा मुश्किल ही नहीं असंभव जैसा है। योजना सुधारने… 8 माह बंद रही, लोन राशि 5000 बढ़ी पीएम स्वनिधि को सुधारने 8 माह बंद रखा। अब सुधार सिर्फ इतना हुआ कि पहली बार 10 हजार के बदले 15 हजार और दूसरी बार 20 के बजाए 25 हजार लोन मिलेगा। तीसरी किश्त 50 हजार की यथावत। सिस्टम की बेरुखी… ​जिन्हें ज्यादा जरूरत, वही ठोकर खा रहे लोन के लिए रिश्वत… सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें जरूरतमंद बबलू श्रीवास्तव, शुभम परिहार, दीपक सोनी जैसे कई आवेदकों ने लोन नहीं मिलने पर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की। कुछ ने कहा लोन मंजूरी के लिए अफसर रिश्वत मांग रहे हैं। ग्वालियर: लोन के आंकड़े

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *