सड़क हादसा:बेटी को पेपर दिलाने निकले मां-पिता, सड़क के गेप में फिसली बाइक, डंपर ने तीनों को कुचला

बिजौली क्षेत्र में रतवाई रोड पर गुरुवार को दोपहर में गिट्टी से भरे डंपर ने बाइक सवार पति-पत्नी और उनकी बेटी को कुचल दिया। हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। पति-पत्नी, बेटी को जेईई मेन का पेपर दिलाने भारतीय विद्या मंदिर शिक्षा समिति परीक्षा केंद्र जा रहे थे। पिता बाइक लेकर कॉलेज के टर्न से आगे निकल गए। बेटी ने कहा कि पापा कॉलेज से आगे आ गए हैं। इस पर पिता ने बाइक का यू-टर्न मारकर वापस हुए। वहीं निर्माणाधीन आधी सड़क के ऊंचाई वाले गेप पर बाइक अनियंत्रित होने से तीन लोग सड़क पर गिर पड़े। पीछे से आ रहे डंपर ने तीनों को कुचल दिया। घटना के बाद चालक डंपर को छोड़कर भाग गया। इसमें 45 वर्षीय चंद्रपाल जाटव निवाली जालौन, पत्नी राजेश्वरी और बेटी अर्पिता की मौत हो गई। बुधवार को आए थे मां-पिता, कंपू में रुके थे : थाना प्रभारी मिर्जा आसिफ बैग ने बताया कि मृतक चंद्रभान और राजेश्वरी बुधवार को ग्वालियर आए थे। कंपू स्थित 13वीं बटालियन में अपने साले प्रदीप के घर रुके थे। प्रदीप के घर गुरुवार सुबह 10.30 बजे निकले थे। बेटी अर्पिता हॉस्टल में जेईई की तैयारी कर रही है। स्टॉपर लगाकर करना था निर्माण, लेकिन कुछ भी नहीं
सड़क निर्माण के दौरान स्टॉपर और सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। एमपीआरडीसी ठेकेदार ने सड़क को चार दिन से खुदा छोड़ रखा है। एक तरफ पूरी सड़क खोदी गई, दूसरी तरफ ऊंचाई है। न संकेतक लगे, न ट्रैफिक रोका गया। इससे रोज हादसे हो रहे हैं। सरकारी नौकरी करने का था सपना, पेपर के बाद मेला जाकर लौटना था पति-पत्नी जालौन में मजदूरी कर बेटी को पढ़ा रहे थे। बेटी की सरकारी नौकरी का सपना पाल कर दोनों मजदूरी कर उसे ग्वालियर में पढ़ा रहे थे। चंद्रपाल और राजेश्वरी बुधवार को ग्वालियर आए थे। मां-पिता की इच्छा थी कि बेटी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती है। इसलिए गुरुवार को उसे जेईई का पेपर दिलाने के बाद उसे मेला भी घुमाएंगे। इसका कारण है कि बेटी मेला देखने की जिद कर रही थी। गुरुवार को पेपर दिलाने के बाद तीनों को वहां से मेला जाना था। मेला घूमने के बाद पति-पत्नी रात में ससुराल में रुकते और शुक्रवार को सुबह जालौन रवाना होना था। एमपीआरडीसी बनवा रही है सड़क
सड़क का निर्माण एमपीआरडीसी कर रही है। इस रोडपर ट्रैफिक लोड अधिक है। निर्माणाधीन सड़क पर स्टॉपर भी नहीं लगाए गए थे।
-मनीष यादव, एसडीओपी

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