ग्वालियर में एक महिला बैंक कर्मचारी से साइबर ठगों ने 1.26 लाख रुपए की ठगी कर ली। हैरानी की बात यह है कि पीड़िता खुद बैंक में ग्राहकों को ओटीपी शेयर न करने की सलाह देती है, लेकिन फर्जी क्रेडिट कार्ड कंपनी की कस्टमर केयर कॉल में फंस गई। सिरोल थाना क्षेत्र के गोकुलधाम रेजीडेंसी निवासी नेहा शर्मा मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक, थाटीपुर में पदस्थ हैं। 12 जनवरी 2026 को सुबह करीब 10:45 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाली महिला ने खुद को क्रेडिट कार्ड कंपनी की प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उनके क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट जल्द एक्सपायर होने वाले हैं, जिन्हें रिडीम कराया जा सकता है। नेहा शर्मा ने रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम करने की सहमति दी। इसके बाद कॉल करने वाली महिला ने रिडीम प्रक्रिया के नाम पर एक ओटीपी भेजा, जिसे नेहा ने शेयर कर दिया। ओटीपी मिलते ही ठगों ने उनके AU बैंक के क्रेडिट कार्ड से 29 हजार 3 रुपए और एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड से 97 हजार 420 रुपए निकाल लिए। इस तरह कुल 1.26 लाख रुपए की ठगी हो गई। बैंक से कॉल आने पर हुआ खुलासा कुछ देर बाद AU बैंक से नेहा शर्मा के पास कॉल आया, जिसमें 29,003 रुपए के ट्रांजेक्शन की पुष्टि की गई। नेहा ने ट्रांजेक्शन से इनकार किया, जिस पर बैंक ने तुरंत उनका कार्ड ब्लॉक कर दिया। इसके बाद जब उन्होंने एक्सिस बैंक अकाउंट चेक किया तो 97,420 रुपए का एक और अनधिकृत ट्रांजेक्शन सामने आया। बैंक द्वारा बताया गया कि यह ओटीपी आधारित ट्रांजेक्शन था। तभी नेहा को साइबर ठगी का अहसास हुआ। हेल्पलाइन 1930 पर की शिकायत घटना के बाद नेहा शर्मा ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। ई-जीरो एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला सिरोल थाना पुलिस को ट्रांसफर किया गया। पुलिस जांच कर रही है कि ठगी की रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई है।


