ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर गुरुवार को कोटा से अमरपुरा जाते समय बायपास रोड के निर्माण कार्य को देखने पहुंचे। इसके बाद अमरपुरा में तालाब के किए जा रहे सौंदर्यीकरण एवं सुदृढ़ीकरण की भी आकस्मिक जांच करने के लिए पहुंच गए। तालाब की सुरक्षा दीवार से हाथ लगाते ही प्लास्टर से रेत झड़ने लगी। इसके बाद फर्श उखाड़कर देखा तो बिना सीमेंट के ही रेत बिछाई हुई थी। प्रोटक्शन वॉल में फीलिंग नहीं की गई थी। जगह-जगह बंबूल उगे हुए थे। पीचिंग में केवल पत्थर डाले हुए थे। बिना सीमेंट भरे ही पत्थर रेत के साथ फंसाए हुए थे। निर्माण कार्यों में घटिया गुणवत्ता देखकर अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी। मंत्री नागर ने पीडब्ल्यूडी के एसई जेपी गुप्ता और डबल्यूआरडी के चीफ इंजीनियर दयाल राम से फोन पर बात की। जिस पर अधिकारियों द्वारा जांच कमेटी बनाने की बात कही। इस पर मंत्री नागर ने कहा कि जांच में खामी मिली तो उनकी भी जांच कराऊंगा। मंत्री नागर ने जांच कमेटी के सदस्यों को शुक्रवार को अपने आवास पर तलब किया है। उन्होंने कहा कि केवल जांच कमेटी बनाने से काम नहीं चलेगा। जांच कमेटी चेहरे देखकर काम करेगी तो जांच कमेटी वाले भी जांच के घेरे में होंगे। बता दें ऊर्जा मंत्री नागर सरकार के दो साल पूरे होने पर विकास रथ के साथ अमरपुरा पहुंचे थे। बाईपास में लोकल सॉइल का प्रयोग होते देख जताई आपत्ति इससे पहले ऊर्जा मंत्री ने कोटा से अमरपुरा जाते समय बाईपास रोड़ को भी देखा। बाईपास के निर्माण में लोकल मिट्टी को भरने पर मंत्री नागर ने आपत्ति जताई। उन्होंने फ्लाई ऐश भरने के निर्देश दिए। मंत्री नागर ने कहा कि लोकल मिट्टी भरने से रोड जल्दी ही बैठ जाएगा। ठेकेदार काम कर चला जाता है और बाद में ग्रामीण परेशान होते रहते हैं। ऐसे काम नहीं चलेगा।


