उत्तरी भारत में हुई बर्फबारी का असर जैसलमेर में भी नजर आया। सोमवार के बाद मंगलवार को भी सुबह जैसलमेर शहर सहित गांवों में घना कोहरा छाया। सुबह शहर सहित आसपास के कई गांवों में सर्द हवाओं का प्रकोप भी तेज रहा। ज्यादातर लोग सुबह सर्दी से बचने के लिए घरों में ही दुबके रहे। वहीं कई लोगों ने अलाव तापकर सर्दी से बचाव किया। पर्यटन स्थलों पर सैलानियों ने घूमने का आनंद लिया वहीं पर्यटन स्थल भी कोहरे की आगोश में छिपे रहे। सबसे ज्यादा परेशानी गाड़ी चला रहे ड्राइवर को हुई, दिन में कम विजिबिलिटी के चलते हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार से उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाओं का असर ओर तेज हो जाएगा। जिससे आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान में भी 3 से 4 डिग्री की गिरावट होने की संभावना है। दिन का पारा 8 डिग्री गिरा लोग दिन भर गर्म कपड़े पहने नजर आए। घरों में भी लोगों को तेज सर्दी का एहसास हुआ। वहीं तापमान में भी बड़ी गिरावट देखी गई। दिन का पारा 8 डिग्री व रात का पारा 4 डिग्री गिर गया। अधिकतम तापमान 22.4 डिग्री व न्यूनतम तापमान 13.1 डिग्री दर्ज किया गया। पर्यटन स्थल घने कोहरे में छिपे दिसंबर के पीक सीजन में जैसलमेर में पर्यटकों की बहार है। वहीं घने कोहरे में पर्यटन स्थल भी छिप से गए हैं। कश्मीर की वादियों के बीच जिस तरह से डल झील सर्दी के इस मौसम में नजर आती है ठीक वैसा ही नजारा जैसलमेर के गड़ीसर तालाब का देखने को मिला। आसमान से कोहरे की धुंध सरोवर के पानी पर मंडरा रही थी। तालाब का शांत पानी और ऊपर से जमी कोहरे की धुंध डल झील का एहसास करवा रही थी। घने कोहरे से विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि गड़ीसर तालाब के बीचों बीच बनी दो ऐतिहासिक व कलात्मक छतरियां दिखाई नहीं दी। सुबह सुबह गड़ीसर तालाब का भ्रमण करने पहुंचे सैलानियों ने घने कोहरे की आगोश में आए गड़ीसर तालाब को निहारने का लुत्फ भी उठाया। अब कड़ाके की सर्दी पड़ेगी मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ मंगलवार को भी सक्रिय रहेगा। इसके प्रभाव से मंगलवार को भी जैसलमेर जिले के कई भागों में कोहरा छाने की संभावना है। बुधवार से उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाओं का असर ओर तेज हो जाएगा। जिससे आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान में भी 3 से 4 डिग्री की गिरावट होने की संभावना है। किसानों को कोहरे से हुआ फायदा सर्दी बढ़ने के साथ कोहरे ने असर दिखाना शुरू कर दिया हैै। वैसे कोहरा फसलों के लिए लाभदायी माना जाता है। इससे फसलों को नमी और पानी की पूर्ति हो जाती है। सर्दी भी फसलों को फायदा पहुंचाती है। कोहरा शहरी क्षेत्रों में कम और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक देखने में आता है। खासकर सिंचित क्षेत्र में इसका असर ज्यादा रहता है। कोहरे के दौरान पड़ने वाली ओंस की बूंदों और नमी के कारण फसल तृप्त हो जाती है।


