ब्यावर नगर परिषद ने मंगलवार को कसाबान मोहल्ले में अवैध रूप से संचालित हो रहे बूचड़खानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान 8 स्थानों पर घरों के भीतर चल रहे अवैध बूचड़खानों को सील कर संबंधित भवनों को जब्त किया गया। यह कार्रवाई नगर परिषद आयुक्त श्रवण चौधरी के नेतृत्व में सैकड़ों पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में की गई। इन अवैध बूचड़खानों से निकलने वाला पशुओं का रक्त नालों के माध्यम से जलदाय विभाग की लीकेज पाइप लाइनों में मिल रहा था। इसके कारण कई घरों तक पहुंचने वाले पीने के पानी की आपूर्ति दूषित हो रही थी, जिससे क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था। स्थानीय नागरिकों द्वारा इस संबंध में लगातार शिकायतें की जा रही थीं। बताया गया कि घरों में संचालित इन बूचड़खानों में काटे जाने वाले पशुओं की न तो कोई निर्धारित संख्या थी और न ही उनका कोई मेडिकल परीक्षण किया जाता था। पशुओं को अवैध रूप से काटकर उनका रक्त खुले नालों में बहा दिया जाता था। इसके अतिरिक्त, कटे हुए मांस को खुले में बेचा जा रहा था, जो स्वास्थ्य नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। बैरवा नगर क्षेत्र के कुछ लोगों द्वारा इस गंभीर समस्या को लेकर पुनः शिकायत किए जाने के बाद नगर परिषद आयुक्त स्वयं भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। नगर परिषद आयुक्त श्रवण चौधरी ने बताया कि पिछले काफी समय से अवैध बूचड़खानों की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। संबंधित लोगों को कई बार चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद अवैध गतिविधियां जारी रहीं। इसी के चलते यह कठोर कार्रवाई की गई है और भविष्य में भी इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। इस कार्रवाई के दौरान परिषद आयुक्त श्रवणराम चौधरी, परिषद के एईएन कपिल गोरा, अंजुम अंसारी (विधि पैरोकार), मनोज शर्मा और सिटी थाना के सीआई आशुतोष पांडे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। नगर परिषद की इस कार्रवाई का क्षेत्रवासियों ने स्वागत किया है और प्रशासन से भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों पर सतत निगरानी बनाए रखने की मांग की है।


