मनरेगा का नाम बदलकर जी राम जी किए जाने के मुद्दे पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। कांग्रेस को काम से नहीं, सिर्फ नाम से परेशानी है। देश में छह सौ से ज्यादा ऐसे संस्थान हैं, जिनका नाम गांधी परिवार के सदस्यों के नाम पर रखा गया है। भाजपा उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई ने कहा कि ग्रामीण रोजगार योजनाएं पहले भी चलती रही हैं। इंदिरा गांधी के समय राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना का नाम बदलकर जवाहर रोजगार योजना किया गया, बाद में इसे नरेगा कर दिया गया और जवाहरलाल नेहरू का नाम हटा दिया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तब क्या चाचा नेहरू नाराज नहीं हुए? असल में इन लोगों को राम के नाम से दिक्कत है, जिसका कोई इलाज नहीं है। योजना का नाम नहीं, दायरा बदला गया: अंशुमान सिंह इस मौके पर कोलायत विधायक अंशुमान सिंह ने कहा कि योजना का नाम नहीं, बल्कि उसका दायरा बढ़ाया गया है। पहले की तुलना में ज्यादा दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना है। योजना अब होगी ज्यादा तकनीकी: अशोक भाटी योजना के बीकानेर संगठन प्रभारी अशोक भाटी ने कहा कि यह योजना अब ज्यादा तकनीकी रूप से संचालित की जाएगी। पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार की गुंजाइश नहीं रहेगी। गोचर जमीन को लेकर दिया आश्वासन बीकानेर के गोचर जमीन के मुद्दे पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई और कोलायत विधायक अंशुमान सिंह ने स्पष्ट किया कि गोचर की जमीन से गाय माता की जगह कहीं नहीं जाएगी। उन्होंने 27 जनवरी को प्रस्तावित आंदोलन से पहले सरकार के स्तर पर किसी न किसी तरह का आदेश जारी होने का आश्वासन दिया। कोलायत विधायक अंशुमान सिंह ने बताया कि वर्ष 2021 में जारी एक आदेश के बाद बीकानेर विकास प्राधिकरण (बीडीए) का गठन हुआ, जिससे इस जमीन का टाइटल बदल गया। इसी वजह से गोचर को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।


