कोरबा के सीतामढ़ी कुम्हार मोहल्ला स्थित एक घर की पाइपलाइन में 9 फीट लंबा अजगर मिला। घर के सदस्यों ने अजगर को कुंडली मारे बैठे देखा, जिसके बाद उन्होंने वन्यजीव संरक्षण संस्था वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम (नोवा नेचर) और रेस्क्यू विशेषज्ञ जितेंद्र सारथी को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही नोवा नेचर की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद टीम ने करीब 9 फीट लंबे और लगभग 12 किलो वजनी अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया। अजगर को देखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए थे। पाइपलाइन में कुंडली मारकर बैठा था अजगर रेस्क्यू के बाद वन विभाग को सूचित किया गया। इसके बाद अजगर को उसके प्राकृतिक रहवास जंगल क्षेत्र में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। मकान मालिक अश्वनी प्रजापति ने बताया कि उनके घर के आंगन में बिछी पाइपलाइन में एक छोटा पाइपलाइन के लिए जगह छोड़ी गई थी। अजगर उसी जगह पर कुंडली मारकर बैठा हुआ था, जिस पर घर के सदस्यों की नजर पड़ी। उन्होंने तुरंत स्नेक कैचर टीम को इसकी सूचना दी। रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा गया रेस्क्यू विशेषज्ञ जितेंद्र सारथी ने बताया कि सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे और अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा गया। उन्होंने संभावना जताई कि अजगर नाली के पाइपलाइन के सहारे घर तक पहुंचा होगा। जितेंद्र सारथी ने वन्यजीवों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे सांपों और अन्य वन्यजीवों को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचाएं। सारथी ने यह भी बताया कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत अजगर अनुसूची-1 (Schedule-I) का संरक्षित जीव है, और इसे पकड़ना, मारना या छेड़छाड़ करना कानूनी अपराध है।


