खाने में सबसे ज्यादा कौन सा अनाज (गेंहू, बाजरा, चावल या अन्य) उपयोग करते हैं? घर में टॉयलेट (शौचालय) कैसा है? मकान की हालत कैसी है? घर की छत कैसी (पक्की या कच्ची) है? फर्श में टाइल्स लगा है कि नहीं? मकान की दीवारें कैसी हैं? चौंकिए मत… आपके घर आने वाला सरकारी कर्मचारी आपसे कुछ इसी तरह के सवाल पूछेगा। इस तरह के 33 सवाल तैयार किए गए हैं। इन्हीं सवालों के माध्यम से घर-घर से जानकारी जुटाई जाएगी। जनगणना के पहले चरण की शुरुआत मई से होगी। आरक्षित वर्ग का भी डेटा जुटेगा
जनगणना के माध्यम से सरकार इस बार एरिया वाइज आरक्षित वर्ग का भी डेटा जुटाएगी। इन 33 सवाल में 12वें नंबर का सवाल इसी से जुड़ा है। इसमें पूछा जाएगा कि क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या अन्य किसी वर्ग से संबंधित है। इस तरह सरकार देश में SC, ST की भी डेटा जुटाएगी। वर्तमान में सरकार के पास जो डेटा है, वह 2011 का है। उसी के अनुरूप स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में इन वर्गों को आरक्षण दिया जा रहा है। चावल ज्यादा खाते हैं या गेहूं
जनगणना में सरकार आमजन से उनके उपयोग किए जाने वाले अनाज की भी जानकारी लेगी। इससे यह जानकारी सामने आ जाएगी कि आखिर किस तरह के अनाज लोग देश में सबसे ज्यादा खाते हैं। इस बार सवाल पूछा जाएगा कि घर में कौन से (गेहूं, बाजरा, चावल या अन्य) अनाज का खाने में सबसे ज्यादा उपयोग होता है। घर की उपलब्धता भी करेंगे सुनिश्चित
देशभर में केन्द्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण और अरबन एरिया में गरीब वर्ग को पक्के मकान बनाने के लिए सहायता उपलब्ध करवा रही है। सरकार का उदेश्य है कि हर परिवार को पक्का मकान (छत) उपलब्ध हो। जनगणना के जरिए सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कितने परिवार के पास खुद का पक्का मकान है, कितने के पास नहीं। यही कारण है कि सरकार ने जनगणना में भवन से संबंधित 7 सवाल इसमें शामिल किए हैं।


