शहर की सड़कों को हाईवे या रेस ट्रैक समझने वालों पर अब टेक्नोलॉजी के जरिए सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। मालवीय नगर थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने जेएलएन मार्ग स्थित सरस पार्लर से मालवीय नगर पुलिया की ओर तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाने के 5 मामलों में एफआईआर दर्ज की है। वाहनों की स्पीड 102 से 128 किलोमीटर प्रति घंटा रिकॉर्ड हुई, जो शहरी सीमा से काफी ज्यादा है। पुलिस के अनुसार इतनी स्पीड पर वाहन चलाना आमजन के जीवन के लिए गंभीर खतरा है। सभी केस ऑटोमेटिक स्पीड वॉयलेशन सिस्टम की रिकॉर्डिंग के आधार पर दर्ज हुए। ट्रैफिक पुलिस ने अपने एआई कैमरों में आई रिकॉर्डिंग और वाहन नंबरों के आधार पर मालवीय नगर थाने में 5 वाहनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक सबसे ज्यादा स्पीड के केस होने से खाली सड़क पर ड्राइवर स्पीड बढ़ाते हैं, जिससे गंभीर हादसों का खतरा बढ़ता है। • टेक्नोलॉजी से एआई कैमरे नंबर प्लेट पढ़कर स्वतः रिकॉर्ड बनाते हैं। यह कोर्ट में डिजिटल साक्ष्य के रूप में मान्य है।
• 100+ स्पीड जानलेवा है क्योंकि ब्रेकिंग डिस्टेंस कई गुना बढ़ जाती है। हल्की टक्कर भी घातक हो सकती है। खुद वाहन चालक के साथ पैदल और दोपहिया सवार सबसे ज्यादा जोखिम में होते हैं।
• कानूनी कार्रवाई में आपराधिक मुकदमा दर्ज होता है, जिसमें लाइसेंस सस्पेंशन संभव है। साथ ही हादसा होने पर बीमा क्लेम पर भी असर पड़ सकता है। इन धाराओं में दर्ज की गई रिपोर्ट मालवीय नगर थाने में दर्ज मुकदमों में पुलिस ने बीएनएस धारा 281 (खतरनाक/लापरवाह ड्राइविंग), बीएनएस 125 और एमवी एक्ट 183, 184 (स्पीड लिमिट उल्लंघन व डेंजरस ड्राइविंग) की धाराओं में मामला दर्ज किया है। कलेक्टर की अधिसूचना का उल्लंघन
जिला कलेक्टर द्वारा जेएलएन मार्ग, टोंक रोड और वैशाली नगर जैसे शहरी क्षेत्रों में वाहनों की अधिकतम गति सीमा निर्धारित है। इसके बावजूद चालकों ने तय सीमा तोड़ी। टॉप 10 रोड जो रात को खतरनाक हो जाती हैं:
जेएलएन मार्ग, टोंक रोड, न्यू सांगानेर रोड, गोपालपुरा बाइपास, अजमेर रोड, वैशाली नगर क्वींस रोड, एलिवेटेड रोड, जगतपुरा महल रोड, सीकर रोड और विद्याधर नगर रोड। “देर रात खाली सड़क का फायदा उठाकर तेज रफ्तार में वाहन चलाने वालों पर लगातार निगरानी है। कैमरा रिकॉर्डिंग के आधार पर सीधे चालान ही नहीं, मुकदमा भी दर्ज किया जा रहा है।”
-राहुल प्रकाश, स्पेशल कमिश्नर


