घाघरा: फैंसी ड्रेस कंपटीशन का आयोजन सभी धर्म एक समान का दिया परिचय

भास्कर न्यूज|घाघरा टाइनी टास्क स्कूल घाघरा में फैंसी ड्रेस कंपटीशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सचिव रोलेन मिचेल द्वारा किया गया। कार्यक्रम छोटे-छोटे बच्चों द्वारा मां दुर्गा, मां सरस्वती, कृष्णा,मदर टेरेसा, पॉप, पंडित, बिरसा मुंडा, मौलवी, पहान पुजार, डॉक्टर सहित कई रूपों में सुशोभित दिखे। इसके साथ ही बच्चे बच्चियों द्वारा मॉडलिंग भी प्रस्तुत की गई। मौके पर विद्यालय के सचिव रोलेन मिचेल ने कहा कि बच्चों में सभी प्रकार की प्रतिभा को निखारने का प्रयास किया गया है साथ ही सर्वधर्म संपन्न की बातें बच्चों के बीच बताई गई। सभी धर्म का समान आदर हो और सभी का एक ही स्लोगन हो की हम भारतवासी हैं यही दर्शाने का प्रयास किया गया है। बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ सभी क्षेत्रों में आगे बढ़े। मौके पर विद्यालय के विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रीता मिचेल, शिक्षिका पुष्पा मिचेल, सीता भगत, माला गुप्ता, बसंती किंडो, श्यामां सिंह सहित कई शिक्षिका छात्र-छात्र उपस्थित थे। गुमला|जिले में विशिष्ट पिछड़ी जनजाति परिवारों को शत-प्रतिशत आधार कार्ड से जोड़ने हेतु व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। यह दूसरी बार है, जब उपायुक्त के निर्देशन में इस उद्देश्य से विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इससे पूर्व जुलाई में भी शिविर का आयोजन किया गया था। जिसमें 813 पीवीटीजी नागरिकों का आधार कार्ड सफलतापूर्वक बनाए जाने का कार्य किया गया था। जिले में लगभग 18000 से अधिक पीवीटीजी नागरिक निवास करते हैं। इनमें 1391 नागरिकों का आधार कार्ड अभी तक अधूरा था। इस कमी को पूरा करने के लिए शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 560 छूटे हुए नागरिकों के नए आधार बनाए गए हैं। शेष बचे नागरिकों का आधार कार्ड 27 सितंबर तक बनाने का लक्ष्य है। ताकि शत-प्रतिशत लोग आधार से जुड़ सकें। भास्कर न्यूज|गुमला झारखंड में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ एवं जनता-केन्द्रित बनाने की दिशा में गुमला जिले द्वारा प्रारंभ किया गया अंचल दिवस कार्यक्रम अब अन्य जिलों के लिए भी अनुकरणीय पहल बन चुका है। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के पहल पर 13 जुलाई 2025 से जिले में प्रत्येक शनिवार को प्रखंड स्तर पर अंचल दिवस का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत अधिकारी स्वयं प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर नागरिकों की समस्याओं को सुनते हैं और उनका ऑन द स्पॉट निवारण सुनिश्चित करते हैं। इस अभिनव प्रयास के परिणामस्वरूप गुमला जिले ने राज्य में पहला ऐसा जिला होने का गौरव प्राप्त किया है। जिसने अंचल दिवस की परंपरा आरंभ कर ग्रामीण जनता को उनकी समस्याओं से त्वरित राहत प्रदान की। अब तक जिले के विभिन्न प्रखंडों में आयोजित हुए अंचल दिवस कार्यक्रमों के दौरान 1000 से अधिक आवेदनों की सुनवाई की गई है। जिनमें से 700 से अधिक आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को वर्षों से लंबित समस्याओं से राहत मिल रही है और उनका विश्वास प्रशासन के प्रति गहरा हो रहा है। अब यह मॉडल झारखंड के अन्य जिलों में भी लागू किया जा रहा है। जिससे पूरे राज्य में त्वरित समस्या निवारण की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने कहा कि अंचल दिवस जैसे कार्यक्रमों का मूल उद्देश्य जनता को जिला मुख्यालय की दौड़-धूप से मुक्त कराना है और अंचल स्तर की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है। दाखिल-खारिज, पंजी-II सुधार, एलपीसी, जाति,आय, निवास प्रमाण पत्र, भूमि विवाद एवं किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित मामलों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता एवं निष्पक्षता प्रशासन की सबसे बड़ी प्रतिबद्धता है। समाधान किए गए प्रत्येक मामले की पुष्टि प्रशासन स्वयं जनता से संपर्क कर करेगा।

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