लुधियाना देहात के थाना हठूर में एक मामला सामने आया है, जहां सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने और परिजनों को सूचना देने वाले व्यक्ति पर ही पुलिस ने मामला दर्ज कर दिया। इस कार्रवाई से ग्रामीण इलाकों में भारी रोष है। इस कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को ग्रामीण मजदूर यूनियन के नेतृत्व में गांव मल्ला के मजदूरों का एक प्रतिनिधिमंडल एसएसपी लुधियाना देहात डॉ. अंकुर गुप्ता से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कार्रवाई को मनमाना और पीड़ित परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाला बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। सड़क दुर्घटना में घायल को पहुंचाया अस्पताल प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी को बताया कि थाना हठूर के अंतर्गत मेहतीयाणा साहिब रोड पर एक सड़क दुर्घटना हुई थी। इसमें सतनाम सिंह उर्फ सत्तू गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। हरदीप सिंह ने घायल सतनाम सिंह को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया और उनके परिजनों को घर जाकर हादसे की सूचना दी थी। मृतक के बेटे ने दर्ज करवाया केस इसके बावजूद, मृतक के बेटे तरलोक सिंह ने झूठे बयान दर्ज करवाकर एफआईआर नंबर 48 दर्ज कराई, जिसमें हरदीप सिंह को आरोपी बनाया गया। पुलिस ने हरदीप सिंह की ट्राली भी जब्त कर ली, जो सड़क किनारे खेत में खड़ी थी। आरोप है कि अब ट्राली बदलने जैसे मनगढ़ंत आरोप लगाकर हरदीप सिंह के परिवार को परेशान किया जा रहा है। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि तरलोक सिंह हादसे के समय घर पर मौजूद थे। उन्हें खेत के मालिक ने खुद घर जाकर दुर्घटना की सूचना दी थी। इसके बावजूद, तरलोक सिंह ने बाद में खुद को प्रत्यक्षदर्शी बताकर मामला दर्ज करवा दिया। आंधी और बारिश के दौरान हुआ हादसा ग्रामीण मजदूर यूनियन के नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में हरदीप सिंह के पिता गुरमेल सिंह ने बताया कि 3 जून की शाम तेज आंधी और बारिश के दौरान यह हादसा हुआ। सतनाम सिंह हठूर से मोटरसाइकिल पर लौट रहा था। जब वह उनके ठेके पर लिए खेत के पास पहुंचा, तभी मल्ला की ओर से एक छोटा हाथी वाहन आ गया। उससे बचने के प्रयास में मोटरसाइकिल फिसल गई और सतनाम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस पर लगाए फसाने के आरोप गुरमेल सिंह ने बताया कि उन्होंने स्वयं और खेत के मालिक राजप्रीत सिंह ने मिलकर घायल को उठाया, गांव पहुंचाया और उसके बेटे तरलोक सिंह को घर जाकर हादसे की जानकारी दी। इसके बाद वे अस्पताल भी गए, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उल्टा उनके बेटे को ही आरोपी बना दिया। एसएसपी से की मामले में निष्पक्ष जांच की मांग निष्पक्ष जांच की मांगवफद ने एसएसपी से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए, निर्दोष परिवार को झूठे केस और पुलिस प्रताड़ना से राहत दी जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।


