नयागांव के कनइर्ब स्थित लक्ष्मणपुरा उखेड़ी गांव में एक लेपर्ड घायल अवस्था में मिला। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लेपर्ड को ट्रेंक्यूलाइज किया गया। फिर पिंजरे में रखकर उसे खेरवाड़ा लाया गया। लेपर्ड का इलाज जारी है। डीएफओ मुकेश सैनी ने बताया कि लेपर्ड को ग्रामीणों में से किसी ने मारकर घायल किया है या फिर वह भूख-प्यास से थक चुका था। इसका पता डॉक्टर की जांच के बाद लग पाएगा। फिलहाल लेपर्ड का इलाज जारी है। डीएफओ ने आगे बताया कि लक्ष्मणपुरा उखेड़ी गांव के जंगल में कुछ कालबेलिये कबीले बनाकर रह रहे हैं, लेपर्ड के शिकार की आशंका को देखते हुए उन्हें वहां से खदेड़कर हटाया जा रहा है। क्योंकि करीब 5 दिन पहले एक लेपर्ड इसी क्षेत्र में मृत अवस्था में मिला था। हालांकि बिना जांच लेपर्ड की मौत का कारण शिकार होना नहीं कह सकते, लेकिन ऐसी किसी घटना से पहले ही विभाग पूरी तरह सतर्कता बरत रहा है। एक साथ तीन लेपर्ड दिखे थे, फिर ग्रमीणों ने एकत्रित होकर भगाए
जानकारी अनुसार उखेड़ी वन क्षेत्र में गुरुवार देर शाम तीन लेपर्ड आने की सूचना पर ग्रामीण एकत्रित हो गए थे। ग्रामीणों ने बताया कि लेपर्ड ने बुधवार को एक गाय का शिकार किया था। फिर दूसरे दिन गुरुवार को भी दो बकरियों और एक कुत्ते का शिकार कर मारा डाला था। ग्रामीणों ने घेरा डालकर जंगल में से लेपर्ड को भगाने की कोशिश की। इस दौरान दो लेपर्ड भाग गए। सूचना पर वन विभाग एवं पाटिया पुलिस, पहाड़ा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। उन्हें एक लेपर्ड घायल अवस्था में मिला। जिसे ट्रेंक्यूलाइज करके खेरवाड़ा ले जाया गया। इस दौरान वन अधिकारी मोनिका मीणा, सतीश चतुर्वेदी, अशोक जोशी, डीपी शर्मा, धर्मेन्द्र सिंह, वनपाल बहादुर मीणा, सोहन प्रजापत, जितेन्द्र देवड़ा, पहाड़ा थाना अधिकारी गणपतसिंह, कनबई चौकी इंचार्ज श्रवण बिश्नोई भी मौजूद थे। बीती रात को फिर किया बकरी और कुत्ते का शिकार
लेपर्ड ने गुरुवार देर रात को फिर उखेड़ी गांव के जीवाजी पिता खुमाजी के बाड़े में घुसकर बकरियों पर हमला किया। एक बकरी मृत अवस्था में मिली। वहीं, एक कुत्ते का भी शिकार कर लिया। पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने पिंजरा लगाकर लेपर्ड को पकड़ने की मांग की है।


