बालाघाट जिले के वारासिवनी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत मुरझड़ में आवासीय आबादी जगह उपलब्ध नहीं है। जिसके कारण भूमिहीन व्यक्तियों को घर बनाने और रहने के लिए जगह की कमी पड़ रही है। बीते 15 सालों से कई परिवार पंचायत की घासमद भूमि में मकान बनाकर रह रहे है। लेकिन पट्टा नहीं होने से उन परिवारों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिन्हें लाभान्वित करने के लिए लोग घासमद की भूमि को मद में परिवर्तित करने की मांग कर रहे हैं। मंगलवार को पंचायत में वर्षो से घासमद की भूमि में निवासरत गरीब परिवारों को लेकर मुरझड़ के पूर्व सरपंच मनोज गौतम, ग्रामीणों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने कलेक्टर को भूमिहीन व्यक्तियों की परेशानी बताते हुए आबादी के लिए घासमद की भूमि को आवासीय आबादी घोषित किए जाने की मांग की है। पूर्व सरपंच मनोज गौतम ने बताया कि पंचायत में आवासीय आबादी भूमि नहीं होने से कई गरीब परिवार, पंचायत की घासमद भूमि में मकान बनाकर रह रहे है। यदि घासमद का मद परिवर्तन कर उसे आवासीय आबादी घोषित कर दिया जाता है तो वर्षों से यहां निवासरत परिवारो को पट्टा मिल जाएगा और वह शासन की पीएम आवास योजना सहित अन्य योजनाओं से लाभान्वित हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि खसरा नंबर 71 की भूमि को आवासीय आबादी घोषित कराने के लिए तहसीलदार को आवेदन किया गया था, लेकिन 1974-75 के रिकॉर्ड में उक्त जगह छोटे जगह का जंगल होने से आवासीय आबादी घोषित नहीं की जा सकी। उन्होंने कहा कि हम प्रशासन से मानवता के नाते मांग करते है कि घासमद भूमि को आवासीय आबादी घोषित की जाए, ताकि अंतिम छोर के व्यक्ति को लाभ मिल सके। वर्तमान में यहां 30 परिवार निवासरत है।


