बाड़मेर | शुद्ध आहर मिलावट पर वार अभियान के तहत लिए गए सैंपल जांच के दौरान अमानक खाद्य पदार्थ मिले हैं और प्रकरण को न्यायालय में पेश किया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार जांगिड़ ने मैसर्स महादेव स्वीट होम बाड़मेर से 8 अक्टूबर 25 को मिल्क केक मिठाई, मैसर्स बाड़मेर मिष्ठान भंडार एंड नमकीन नाश्ता से 9 अक्टूबर 25 को मीठा मावा मिठाई, मैसर्स मोहन भोग स्वीट्स बाड़मेर से 9 अक्टूबर 25 को दही, मैसर्स विजय लक्ष्मी ट्रेडर्स बाड़मेर से 20 मई 25 को घी (ब्रांड—गोधारा), मैसर्स राजेश किराना स्टोर गागरिया से 17 नवंबर 25 को सोयाबीन तेल जांच की गई, जो अमानक मिले। मिलावटी घी, तेल, मावा व मिठाइयों का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होता है। मिलावटी घी में अक्सर वनस्पति, रिफाइंड तेल या रसायन मिलाए जाते हैं, जिससे पेट दर्द, गैस, उल्टी, दस्त जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं तथा लंबे समय तक सेवन करने से लीवर पर बुरा असर पड़ता है और हृदय रोग व कोलेस्ट्रॉल असंतुलन का खतरा बढ़ जाता है। हृदय संबंधी रोगों की संभावना बढ़ती है, वहीं तंत्रिका तंत्र पर दुष्प्रभाव पड़ने से हाथ-पैर सुन्न होने जैसी शिकायतें हो सकती हैं। कैंसर जैसी बीमारी का खतरा बढ़ता है। सस्ता खाद्य पदार्थ आगे चलकर महंगे इलाज का कारण बन सकता है।


