घुसपैठ पर कार्रवाई:IMO व वॉट्सएप से बांग्लादेश कॉल का खुलासा, रडार पर रायपुर जिले के 150 लोग

अवैध घुसपैठियों और अप्रवासियों की तलाश में रायपुर पुलिस ने मंगलवार अल सुबह ताबड़तोड़ छापेमारी की। घरों में सो रहे लोगों को उठाया गया और तलाशी ली गई। फोर्स सिर्फ मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में पहुंची। घरों के अलावा होटल, लॉज, रेस्टोरेंट और धार्मिक स्थलों के आसपास रहने वालों को भी हिरासत में लिया गया। तलाशी के बाद 150 लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनसे लंबी पूछताछ की गई, क्योंकि इन लोगों की लगातार बांग्लादेश में बातचीत हो रही है। ये लोग ज्यादातर आईएमओ और वॉट्सएप के माध्यम से बातचीत कर रहे हैं। आईएमओ कम डाटा में बातचीत का आसान माध्यम है और बांग्लादेश में यह सबसे ज्यादा प्रचलित है। दो माह तक इसकी तकनीकी जांच की गई, उसके बाद लोगों को हिरासत में लिया गया। उनके मोबाइल जब्त किए गए और चैट रिपोर्ट देखी गई। अधिकांश लोगों ने बताया कि बांग्लादेश व अन्य जगहों पर उनकी रिश्तेदारी है, इसलिए बातचीत होती है। उन्होंने कभी वहां जाकर मुलाकात नहीं की है। पुलिस ने उनके दस्तावेजों की जांच की। उनकी मार्कशीट और आधार कार्ड की फोटोकॉपी रखी गई है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने कुल 6 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें से 4 संजय नगर के रहने वाले हैं। दो अन्य लोगों को इसलिए हिरासत में लिया गया है, क्योंकि वे पुख्ता दस्तावेज पुलिस के सामने पेश नहीं कर पाए हैं। उनकी गतिविधियां भी संदिग्ध लग रही हैं। इसलिए उनसे पूछताछ की जा रही है। उनके मोबाइल जांच के लिए साइबर लैब भेजे गए हैं। 3200 नंबरों की जांच में मिले 150 संदिग्ध फोन नंबर, पाकिस्तानियों की भी तलाश पुलिस ने 3200 से ज्यादा फोन नंबरों की जांच की। इन नंबरों में व्हाट्सएप, आईएमओ समेत अन्य एप डाउनलोड पाए गए। इन एप्स के माध्यम से विदेशों में लगातार बातचीत की जा रही थी। इन नंबरों से बांग्लादेश और पाकिस्तान में बातचीत करने वालों की पहचान की गई। इनमें से 150 लोगों की सीधी बातचीत पाई गई, इसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। अवैध अप्रवासियों के लिए एसटीएफ गठित
सरकार ने मई में अवैध अप्रवासियों और घुसपैठियों जैसे बांग्लादेशी, पाकिस्तानी और रोहिंग्याओं की तलाश के लिए राज्य के 33 जिलों में स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया है। यह टास्क फोर्स अवैध दस्तावेजों पर या बिना दस्तावेजों के रह रहे लोगों की तलाश कर रही है। इसकी कार्रवाई की हर माह रिपोर्ट तैयार की जाती है। यह रिपोर्ट हर माह की 5 तारीख तक गृह विभाग को भेजी जाती है, जिसे आगे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाता है। इसी टीम के साथ मंगलवार को छापेमारी की गई। इन इलाकों में छापे: मौदहापारा, नहरपारा, बैजनाथपारा, राजातालाब, संजय नगर, टिकरापारा, संतोषी नगर, ईदगाहभाठा, आमापारा, ताजनगर, तरुण नगर, मोवा, गाजीनगर, बैरनबाजार, मोमीनपारा, पारस नगर, पंडरी, सड्डू ईरानी डेरा, शक्तिनगर में पुलिस ने छापे मारे। होटल कारोबारी, बुजुर्ग समेत व्यापारी, कर्मचारी, छात्रों और ड्राइवरों को हिरासत में लिया गया। 10 बांग्लादेशियों को लौटाया : पुलिस ने पहले टिकरापारा के तीन भाइयों को पकड़ा था, जिन्हें जेल भेज दिया गया। इसके बाद पति-पत्नी को पकड़ा गया। फिर 10 बांग्लादेशियों को पकड़ा गया, जिन्हें बांग्लादेश सीमा पर छोड़ा गया। वहां से उन्हें उनके देश भेज दिया गया। बांग्लादेशियों को कस्टडी में रखेंगे, फिर बॉर्डर पर छोड़ेंगे
आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड बनवाने के लिए भारत के किसी भी राज्य की अंकसूची आवश्यक होती है, जिसमें नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि दर्ज रहती है। इसी आधार पर दस्तावेज बनते हैं। इन बांग्लादेशियों को कस्टडी में रखेंगे, फिर बॉर्डर पर छोड़ेंगे। -डॉ. लाल उमेद सिंह, एसएसपी, रायपुर बांग्लादेशी ऐसे बनवा रहे दस्तावेज

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *