भोपाल में अवैध कॉलोनी काटने के लिए ‘घूस की डील’ करने वाले 2 पटवारियों पर एक्शन हुआ है। दैनिक भास्कर के कैमरे पर इन्होंने ‘सौदा’ किया था। इन्हें फिल्ड से हटाकर कानूनगो शाखा में अटैच किया गया है। 12 दिन पहले भास्कर ने स्टिंग करके इस मामले का खुलासा किया था। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के छुट्टी पर जाने से कार्रवाई नहीं हो सकी। उन्होंने छुट्टी से लौटकर आते ही हुजूर एसडीएम विनोद सोनकिया को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके चलते गुरुवार को रातीबड़ में पदस्थ पटवारी भंवर सिंह सोलंकी और नीलबड़ में पदस्थ पटवारी तरुण श्रीवास्तव को फिल्ड से हटा दिया गया। दोनों को कलेक्टोरेट स्थित कानूनगो शाखा में अटैच किया गया है। वहीं, नोटिस जारी किए हैं। इसके बाद उन्हें निलंबित भी किया जा सकता है। उनकी जगह पर पटवारी रोहित सिंह यादव और योगेश राठौर को अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं।
बेशर्मी से बात करते हुए कैमरे में कैद हुए थे
भोपाल के नीलबड़ क्षेत्र के पटवारी तरुण श्रीवास्तव भास्कर के खुफिया कैमरे पर अवैध कॉलोनी को लेकर सौदेबाजी की डील करते हुए कैद हुए थे। भास्कर रिपोर्टर से बात करते हुए कहा था कि आप तो बस रजिस्ट्री करवाइए, नामांतरण और डायवर्शन सब मैं करवा दूंगा…आपका प्रॉफिट होगा तो ही आपको अच्छा लगेगा। हम भी आपके साथ काम करेंगे…हमारी कॉलोनी में से एक प्लॉट ले लेना और उसे डेवलप करा देना।
रातीबड़ के ही पटवारी भंवर सिंह सोलंकी ने तो भास्कर रिपोर्टर को ऑफर दिया था कि मुझे एक फार्म हाउस देना और विधायक जी को प्लॉट। कैमरे में डील करते हुए पटवारी दरअसल, एक तरफ भोपाल जिला प्रशासन अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है तो दूसरी तरफ प्रशासन की अहम कड़ी पटवारी ही अवैध कॉलोनी के इस खेल में शामिल हैं। ब्रोकर, बिल्डर और पटवारी का ये गठजोड़ राजधानी के आसपास की हजारों एकड़ कृषि भूमि को अवैध कॉलोनियों में बदल रहा है। भास्कर टीम ने एक हफ्ते तक विदिशा रोड, रातीबड़ में अवैध कॉलोनियों का सौदा करने वाले एजेंट्स पर नजर रखी थी। अवैध कॉलोनी बेचने वाले ऐसे 4 एजेंट्स और उनके बिल्डर्स से बात की। सभी ने खुफिया कैमरे में कहा कि एनओसी नहीं मिलेगी, लेकिन रजिस्ट्री और डायवर्शन हो जाएगा। इसके बाद भास्कर रिपोर्टर ने पटवारियों से मुलाकात की तो उन्होंने पूरे सिस्टम को मैनेज करने का तरीका बताया। ये खबर पढ़िए… ‘घूस की डील’…1 प्लॉट में अवैध कॉलोनी कटवाने तैयार पटवारी आप तो बस रजिस्ट्री करवाइए, नामांतरण और डायवर्शन सब मैं करवा दूंगा…आपका प्रॉफिट होगा तो ही आपको अच्छा लगेगा। हम भी आपके साथ काम करेंगे…हमारी कॉलोनी में से एक प्लॉट ले लेना और उसे डेवलप करा देना। बड़ी ही बेशर्मी से ये बात कहने वाले भोपाल के नीलबड़ क्षेत्र के पटवारी तरुण श्रीवास्तव हैं, जो ये डील करते हुए भास्कर के खुफिया कैमरे में कैद हुए हैं। रातीबड़ के ही पटवारी भंवर सिंह सोलंकी ने तो भास्कर रिपोर्टर को ऑफर दिया कि मुझे एक फार्म हाउस देना और विधायक जी को प्लॉट। एक तरफ भोपाल जिला प्रशासन अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है तो दूसरी तरफ प्रशासन की अहम कड़ी पटवारी ही अवैध कॉलोनी के इस खेल में शामिल हैं। ब्रोकर, बिल्डर और पटवारी का ये गठजोड़ राजधानी के आसपास की हजारों एकड़ कृषि भूमि को अवैध कॉलोनियों में बदल रहा है। पढ़े पूरी खबर


