बैंककर्मी को पत्थर पटककर मार डाला:दमोह में चरवाहे ने जंगल में देखा शव; परिजन बोले- कलेक्शन के 1 लाख रुपए लूटकर गोली मारी

दमोह के तेजगढ़ इलाके में बुधवार शाम एक फाइनेंस कंपनी के कलेक्शन एजेंट की हत्या हो गई। शव सागोनी के जंगल में मिला। शव देखकर लग रहा था जैसे पत्थरों से कुचलकर हत्या की गई है। हालांकि परिजन का कहना है कि लूट के इरादे से गोली मारकर हत्या की गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पटेरा थाना क्षेत्र के कूड़ई गांव का विनोद अहिरवार फ्यूजन फाइनेंस कंपनी में कलेक्शन एजेंट था। यह कंपनी महिलाओं के स्वयंसहायता समूहों को कर्ज देती है। विनोद पिछले छह महीने से टोरी और सगोनी गांवों में कलेक्शन का काम कर रहा था। परिजन ने बताया कि विनोद मंगलवार सुबह कलेक्शन के लिए निकला था। इसके बाद शाम को उसका फोन बंद हो गया। उसकी तलाश शुरू की। कंपनी वालों से भी संपर्क किया। पूरी रात खोजबीन के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था। चरवाहे ने शव देखकर सरपंच को सूचना दी
जंगल में एक चरवाहे ने शव को देखा। चरवाहे ने फौरन इसकी सूचना सरपंच को दी। सरपंच ने पुलिस को लाश मिलने की जानकारी दी। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। शव की शिनाख्त कर परिजन को सूचित किया। इसके बाद परिजन भी मौके पर पहुंचे। परिजन बोले- सिर के पास छेद, गोली मारी
मृतक के चचेरे भाई सुनील अहिरवार ने बताया कि विनोद के सिर के पास एक छेद था, जिससे गोली मारे जाने का संदेह है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने लूट के मकसद से हत्या की है। सिर पर दो बड़े पत्थर भी पटके थे। मृतक के बड़े भाई सुदामा अहिरवार ने बताया कि छोटे भाई विनोद के पास एक लाख 14 हजार रुपए कैश थे। यह कलेक्शन के पैसे थे। वह पैसे भी भाई की जेब से नहीं मिले। तेजगढ़ थाना प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया की पत्थर से कुचलकर हत्या की गई है। हत्या का मामला दर्ज कर आज शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। कंपनी बोली- कलेक्शन के रुपए नहीं मिले
फ्यूजन कंपनी के एरिया मैनेजर अमन मिश्रा ने बताया कि विनोद के पास एक लाख 14 हजार रुपए का कलेक्शन था जो नहीं मिला। मंगलवार शाम जब उसका मोबाइल बंद हुआ तो उन्होंने परिजन से जानकारी ली, लेकिन उन्हें भी कुछ पता नहीं था। बुधवार दोपहर पता चला कि उसकी हत्या कर दी गई है। कलेक्शन के पैसे भी नहीं मिले हैं। चाहते हैं कि पुलिस आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करें।

परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की
मृतक के पड़ोसी रामेश्वर विश्वकर्मा ने बताया कि विनोद का एक बेटा और एक बेटी है। वह बेहद सीधा-साधा था और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी पर थी। उसका एक भाई मजदूरी करता है और दोनों मिलकर वृद्ध माता-पिता की देखभाल करते थे। जिस तरह से विनोद की हत्या की गई है, उससे पूरा गांव सदमे में है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपियों ने पैसे भी लूट लिए और गांव के बेटे की जान भी ले ली। उन्होंने पुलिस से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

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