मध्यप्रदेश के मऊंगज जिले को बने हुए करीब ढाई साल हुए हैं। भले ही यहां बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, लेकिन इसने देशभर में अलग पहचान बना ली है। वजह है- यहां आरटीओ के अवैध चेकपोस्ट, जिन्हें सरकार करीब दो साल पहले (1 जुलाई 2024) बंद कर चुकी है। सरकारी रिकॉर्ड में ये बंद हो चुके हैं, लेकिन अवैध वसूली के वीडियो सामने आ रहे हैं। परिवहन विभाग का दावा है कि उनकी हर सेवा ऑनलाइन हो चुकी है, लेकिन मऊगंज जिले के हनुमना बॉर्डर की जमीनी हकीकत इन दावों से मेल नहीं खाती। यहां आरटीओ चेकपोस्ट के नाम पर स्थायी ‘दलाल तंत्र’ खड़ा हो गया है, जहां नियम नहीं, बल्कि सेटिंग से गाड़ियां निकलती हैं। इस कथित चेकपोस्ट से वसूली के चार महीने में तीन वीडियो सामने आ चुके हैं। इनमें अवैध वसूली, धमकी, मारपीट और ट्रक चालकों के साथ बदसलूकी सामने आई है। नतीजा, एक महीने में दो प्रभारी बदले गए, लेकिन वसूली का खेल जस का तस है। यहां आए दिन अवैध वसूली को लेकर झगड़ा होता है। इसे लेकर चालक संघ के अध्यक्ष राजकुमार विश्वकर्मा ने परिवहन विभाग और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अवैध वसूली का तंत्र के एक-एक पॉइंट के बारे में उन्होने दैनिक भास्कर को बताया। अवैध वसूली का तंत्र के बारे जानने से पहले चार मामलों के बारे में जान लीजिए, जिनकी चर्चा हो रही है। केस-1: पैसे नहीं दिए तो ‘20 लाठी’ की धमकी, ट्रक की चाबी निकाली तारीख- 16 जनवरी। समय- दोपहर करीब 12 बजे जगह- हनुमना बॉर्डर चेकपोस्ट अवैध वसूली का वीडियो ट्रक ड्राइवर ने भेजा। मदद की गुहार लगाई। वीडियो में जो था, वो हैरान करने वाला था। पुलिस जैसी वर्दी पहने कुछ लोग ट्रक चालक से रुपए मांग रहे थे। चालक ने पैसे देने से इनकार किया तो उसे लाठी से पीटा गया। उसके साथ गाली-गलौज की गई। अब पढ़िए- पुलिस की वर्दी पहने और ट्रक ड्राइवर के बीच की बातचीत ड्राइवर- तुम मुझे बाहरी समझ रहे हो, इसलिए धमका रहे हो… मारना है तो मारो। वसूलीकर्ता- अभी 20 लाठी मारेंगे…कहते हुए गाली देता है। वसूली कर रहे लोगों में शामिल एक शख्स कहता है- वीडियो बनाना है कि बात करना है? बात करना है तो नीचे आओ। (इसी दौरान दो लोग ट्रक के कैबिन में चढ़ने की कोशिश करते हैं। उनमें से एक ट्रक की चाबी निकाल लेता है। जब ट्रक चालक ने खुद के साथ हो रही जबरन वसूली का वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू किया तो उसी पर आरोप लगा दिया गया कि उसने किसी वाहन को टक्कर मारी है। वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान आरटीओ से जुड़े कथित दलाल श्रीकृष्ण तिवारी उर्फ डंडा तिवारी और गौतम तिवारी के रूप में हुई है। इनके साथ एक परिवहन आरक्षक भी था।) केस- 2 – तारीख– 19 दिसंबर 2025 जगह- हनुमना बॉर्डर चेकपोस्ट क्या हुआ था- दलाल को तीन किलोमीटर तक ट्रक में लटकाए रहा करीब एक डेढ़ महीने पहले 19 दिसंबर को भी इसी जगह का वीडियो सामने आया, जिसमें दलाल ट्रक से लटका नजर आ रहा था। पहले उसने चलते ट्रक में ड्राइवर को धमकाने के साथ चांटा मारने की कोशिश की। जब ट्रक नहीं रुका तो रोते हुए पैर पकड़ने लगा। ट्रक चालक उसे करीब तीन किलोमीटर तक घसीटते ले गया। कौन था वसूली करने वाला- ट्रक से लटकने वाले आरटीओ दलाल का नाम राजकुमार गुप्ता है। केस-3 तारीख – 4 नवंबर 2025 जगह– आरटीओ का मऊगंज चेकपोस्ट क्या हुआ था- रुपए नहीं देने पर मारपीट 4 नवंबर को एक और मामला सामने आया, जब ट्रक चालक से रुपए मांगे गए। चालक ने ऑनलाइन भुगतान करने की बात कही तो मना कर दिया गया। उसके साथ मारपीट की गई। 6 नवंबर को जब चालक संघ के पदाधिकारी शिकायत लेकर पहुंचे तो उनके साथ भी गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की गई। नाराज चालक संघ ने कलेक्टर मऊगंज को ज्ञापन सौंपा था। केस – 4 तारीख– 16 नवंबर 2024 समय– शाम करीब 6 बजे जगह– आरटीओ का मऊगंज चेकपोस्ट वीडियो बनाने वाले का मोबाइल लेकर तोड़ा मऊगंज जिले के हनुमना परिवहन चेक पोस्ट पर शाम 6 बजे ट्रक ड्राइवर इंजमाम मोहम्मद ट्रक (नंबर RJ 11 GB 9981) लेकर कोयंबटूर से पटना जा रहा था। हनुमना बॉर्डर के पास चेक पोस्ट के सामने अधिकारियों ने ड्राइवर को रोक कर दस्तावेज मांगे। ड्राइवर ने पूछा कि बॉर्डर बंद है तो किस बात के दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। फिर भी ऑनलाइन दस्तावेज चेक कर लें। आरोप के मुताबिक इस बात पर वहां मौजूद RTO अधिकारी भड़क गए। उन्होंने ड्राइवर से झड़प की। ट्रक में मौजूद कंडक्टर घटना का वीडियो बनाने लगा। अधिकारियों ने वीडियो बनाने वाले व्यक्ति से मोबाइल लेकर तोड़ दिया। मामले की जांच चल रही है। ड्राइवर एक साथ पहुंचे तो परिवहन कर्मचारी भागे 10 अक्टूबर 2025 को मऊगंज जिले के ड्राइवरों की टीम हनुमना चेक पोस्ट पहुंची। चेक पोस्ट पर ट्रकों से अवैध वसूली करने वाले कर्मचारी ड्राइवरों को देखकर भाग निकले। ड्राइवरों ने इसका पूरा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया। एक्शन क्या हुआ … एक महीने में दो प्रभारी बदले, हालात जस के तस 22 दिसंबर: चेकपोस्ट निरीक्षक सुमन दीक्षित को हटाया 16 जनवरी: प्रभारी अशोक शर्मा हटाकर ग्वालियर आरटीओ भेज दिया गया। अब पढ़िए, चेक पोस्ट पर कैसे होती है वसूली मऊगंज चालक संघ के अध्यक्ष राजकुमार विश्वकर्मा कहते हैं कि अवैध वसूली का खेल सिर्फ हनुमना में ही नहीं, बल्कि जहां-जहां भी ये चेक पोस्ट थे, वहां खुलेआम चल रहा है। परिवहन विभाग और पुलिस की मिलीभगत से बाकायदा 24 घंटे चेकपोस्ट पर वसूली जारी है। परिवहन विभाग के अधिकारी कहते हैं कि यहां वर्दी में ही उनके कर्मचारी तैनात होंगे, जबकि हो उल्टा रहा है। जो वर्दी में हैं, वे तो चुपचाप दूर बैठे तमाशा देखते रहते हैं। बीच सड़क पर लाठी-डंडे लिए चार-पांच लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर खड़े रहते हैं। यही लोग ट्रकों को रुकवाते हैं। चालकों से अवैध रूप से पैसे वसूलते हैं। जितना पैसा मांगा, मिल गया तो ठीक, नहीं तो ड्राइवर की लाठी-डंडों से पिटाई करते हैं। रोज ही ऐसे नजारे चेकपोस्ट पर दिखते हैं। अब जो बेचारा ड्राइवर दूसरे प्रदेश से आया है, वो क्या करेगा। वो पैसे देकर निकल जाता है। कई बार ड्राइवरों के पास सिर्फ खाने के पैसे होते हैं। वो जब मना करते हैं तो उनको पीटा जाता है। कहने को तो हनुमना चेकपोस्ट पर गार्ड तैनात हैं, लेकिन वे या तो बैठे रहते हैं या फिर ट्रक रुकवाने में इन लोगों का कभी-कभार सहयोग करते हैं। सवाल- किसके संरक्षण में चल रही वसूली राजकुमार विश्वकर्मा ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह लोग आखिर किसके हैं? किसके संरक्षण में यहां बैठे रहते हैं? यह समझ से परे है। यहां 24 घंटे 365 दिन ये काम हो रहा है। चेक पोस्ट बंद होने के बाद अंतर सिर्फ इतना आया है कि पहले ये लोग गाड़ी पास कराने के नाम पर दलाली करते थे। अब खुद गाड़ियां रुकवाकर जितना मुंह से निकल गया, उतना पैसा मांगते हैं। इनकी जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि बॉर्डर पर कब्जा हो गया है। राजकुमार ने मांग की है कि बॉर्डर पर केवल सरकारी कर्मचारी ही तैनात किए जाएं। शासन द्वारा जारी गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराया जाए। दुर्भाग्यवश, शासन की गाइडलाइन कुछ भी हो, लेकिन जमीनी स्तर पर मनमानी ही देखने को मिलती है। एसपी ने कहा- शिकायत आएगी तो कार्रवाई करेंगे पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी ने बताया कि मामला अन्य विभाग से संबंधित है। पिछले महीने इस संबंध में शिकायत मिली थी, जिस पर एफआईआर दर्ज की गई थी। अपराध से जुड़े मामलों में पूर्व में भी वैधानिक कार्रवाई की गई है। भविष्य में भी यदि इस तरह के मामले सामने आते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि अपराध या मारपीट से संबंधित शिकायत प्राप्त होती है तो पुलिस द्वारा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।


