चंडीगढ़ ड्रग्स व हथियार रखने वाले को 10 साल सजा:इकलौता कमाने वाला और छोटे बच्चे, नहीं मानी कोर्ट ने एक भी दलील, कोर्ट-समाज के लिए खतरनाक

चंडीगढ़ की स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट ने माद क पदार्थ और अवैध हथियार रखने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। जज हरगुरजीत कौर की अदालत ने सेक्टर-31 थाना पुलिस द्वारा दर्ज एनडीपीएस केस में आरोपी रामानंद उर्फ गुड्डू को दोषी ठहराते हुए 10 साल और जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि दोषी को दी गई सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। साथ ही, ट्रायल के दौरान वह जितने समय जेल में रहा है, उसे सजा की अवधि में जोड़ा जाएगा। 2019 में दर्ज हुआ था मामला पुलिस स्टेशन सेक्टर-31, चंडीगढ़ में 22 अगस्त 2019 को दर्ज एफआईआर के अनुसार आरोपी रामानंद उर्फ गुड्डू को 15.400 किलो गांजा, 270 ग्राम हेरोइन और एक रिवॉल्वर व चार जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। जांच के बाद पुलिस ने 20 दिसंबर 2019 को चार्जशीट दाखिल की थी। मामले में 4 जनवरी 2020 को आरोप तय किए गए और 13 फरवरी 2020 से ट्रायल शुरू हुआ। कोर्ट ने आरोपी को ठहराया दोषी अदालत ने आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20, 21 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी के पास से बरामद गांजा इंटरमीडिएट क्वांटिटी और हेरोइन कमर्शियल क्वांटिटी में आती है, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। अलग-अलग धाराओं के तहत यह सजा सुनाई— नहीं चली दलील नरमी की मांग खारिज सजा तय करते समय आरोपी ने कहा कि वही अपने परिवार का अकेला कमाने वाला है और उसके छोटे बच्चे हैं, इसलिए उस पर रहम किया जाए। लेकिन अदालत ने यह दलील नहीं मानी। सरकारी वकील ने कहा कि आरोपी के पास से भारी मात्रा में नशा और हथियार मिले हैं, जो समाज और युवाओं के भविष्य के लिए बड़ा खतरा हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी देश और समाज के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी गलत संदेश दे सकती है। सजा ऐसी होनी चाहिए, जो न सिर्फ दोषी बल्कि समाज के अन्य लोगों के लिए भी सबक बने।

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