चंडीगढ़ में कर्मचारियों की नहीं चलेगी फरलो:बायोमेट्रिक अटेंडेंस से तय होगी सैलरी; पहले पूरा वेतन मिलता था, प्रशासन के आदेश जारी

चंडीगढ़ में अब ड्यूटी पर समय पर न पहुंचना कर्मचारियों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। चंडीगढ़ प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि अगर किसी कर्मचारी की हाजिरी बायोमैट्रिक सिस्टम में दर्ज नहीं होगी तो उसकी सैलरी काट दी जाएगी। इस आदेश के बाद कर्मचारियों के चेहरे पर चिंता साफ दिख रही है। प्रशासन ने सभी कर्मचारियों की सूची मांगी है, ताकि यह जांच हो सके कि उनमें से कितने बायोमैट्रिक से जुड़े हैं और कितने नहीं। जो कर्मचारी अभी तक इससे नहीं जुड़े हैं, उन्हें भी जल्द इस सिस्टम से जोड़ा जाएगा। आदेश में कहा गया है कि कर्मचारियों की बायोमैट्रिक हाजिरी की रिपोर्ट हर महीने तय समय से पहले भेजना अनिवार्य होगा, ताकि वेतन बिल समय पर तैयार हो सके। अब नहीं चलेगी फरलो प्रशासन के मुताबिक, यह आदेश उन कर्मचारियों के लिए परेशानी बन सकता है जो सुबह ड्यूटी पर लेट आते हैं और शाम को समय से पहले ऑफिस छोड़ देते हैं। अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि बायोमैट्रिक एंट्री से यह पता चल जाएगा कि कर्मचारी कितने बजे ऑफिस आया और कितने बजे गया। पहले पूरी सैलरी मिलती थी, लेकिन अब जो कर्मचारी फरलो (काम में लापरवाही) करेगा, उसकी सैलरी कट जाएगी। कमिश्नर पहले कर चुके हैं लागू चंडीगढ़ नगर निगम के कर्मचारियों को भी सिर्फ बायोमैट्रिक हाजिरी (उंगली के निशान से लगने वाली हाजिरी) के आधार पर ही सैलरी मिलेगी। निगम कमिश्नर अमित कुमार ने साफ कर दिया है कि जिसकी हाजिरी बायोमैट्रिक सिस्टम में नहीं होगी, उसे सैलरी नहीं दी जाएगी। कमिश्नर का कहना है कि यह फैसला इसलिए लिया गया है, ताकि फर्जी हाजिरी करने वालों को रोका जा सके और सरकारी सिस्टम में ईमानदारी व पारदर्शिता लाई जा सके। जो कर्मचारी इस नियम का पालन नहीं करेंगे, उन्हें कोई छूट नहीं दी जाएगी।

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