चंडीगढ़ में वकील को जान से मारने की धमकी:DDR दर्ज, 2500 करोड़ जमीन घोटाले का पर्दाफाश, किसानों ने घर के बाहर डाला डेरा

मोहाली के न्यू चंडीगढ़ एयरपोर्ट रोड पर करीब 2500 करोड़ रुपए के कथित जमीन घोटाले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घोटाले का खुलासा करने और प्रभावित किसानों की ओर से कानूनी लड़ाई लड़ रहे एडवोकेट चरणपाल सिंह बागड़ी को जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं हैं। हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद 2 लोगो ने कोर्ट रूम के बाहर वकील को जान से मारने की धमकी दी। मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी। डर के माहौल में किसानों ने खुद वकील की सुरक्षा संभाल ली है। पिछले एक सप्ताह से करीब 10 किसान खरड़ स्थित बागड़ी के घर के बाहर डेरा जमाए बैठे हैं और उनका कहना है कि जब तक मामले में पुलिस की ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे वहीं रहेंगे। फर्जी साइन कर जमीन हथियाने का आरोप किसानों ने आरोप लगाया है कि बिल्डरों, डेवलपर्स और प्रोमोटरों ने मिलकर 108 एकड़ जमीन अवैध तरीके से अपने नाम करवाई। आरोप है कि किसानों के फर्जी हस्ताक्षर कर रेजीडेंशियल और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट के नाम पर उनकी जमीन को हड़पने का पूरा खेल चलाया गया। मामले में एफआईआर दर्ज है, बिल्डर की गिरफ्तारी भी हो चुकी है और संबंधित प्रोजेक्ट फिलहाल बंद है। रिश्वत का ऑफर, जिसे वकील ने ठुकराया अदालत में बढ़ते दबाव के बीच बिल्डरों ने अगस्त 2024 में कथित तौर पर बागड़ी को 2 करोड़ रुपए कैश और एक प्लॉट देकर केस वापस लेने और लाइसेंस कैंसिल न करवाने का ऑफर दिया। वकील बागड़ी ने न सिर्फ रिश्वत ठुकराई बल्कि तुरंत इस मामले की जानकारी विजिलेंस डायरेक्टर और किसानों को दी। इसके बाद बिल्डरों के रेरा नंबर और लाइसेंस कैंसिल कर दिए गए। उनके बैंक अकाउंट अटैच हुए और पूरी प्रोजेक्ट ट्रांजैक्शन पर रोक लगा दी गई। हाईकोर्ट में कंटेम्प्ट नोटिस बिल्डरों ने इसके बावजूद लाइसेंस बहाल कराने के लिए पुडा में अपील की, जहां सुनवाई शुरू कर दी गई। इसे हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना बताते हुए बागड़ी ने कंटेम्प्ट पिटीशन दायर की।हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए 12 नवंबर 2025 को बिल्डरों को कंटेम्प्ट नोटिस जारी किया। अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *