धार जिले की पीथमपुर तहसील के ग्राम चंदनखेड़ी में स्थित प्राचीन राधा-कृष्ण मंदिर की शासकीय भूमि को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मंदिर के पुजारी द्वारा दस्तावेजों में हेराफेरी कर लगभग 20 बीघा शासकीय भूमि को अपने नाम दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण धार कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपर कलेक्टर संजीव केशव पांडे को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार, चंदनखेड़ी स्थित राधा-कृष्ण मंदिर की यह भूमि शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज है और इसका प्रबंधन जिला कलेक्टर के अधीन है। यह मंदिर सार्वजनिक आस्था का केंद्र है, किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं। हालांकि, ग्रामीणों ने बताया कि 6 नवंबर 2025 को पीथमपुर तहसीलदार द्वारा जारी एक आदेश में कलेक्टर का नाम हटाकर मंदिर और संबंधित शासकीय भूमि को कैलाश शर्मा एवं जगदीश शर्मा के नाम दर्ज किया जा रहा है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
ग्रामीण रामस्वरूप रघुवंशी ने आरोप लगाया कि जगदीश शर्मा और कैलाश शर्मा ने मिलीभगत कर तहसील में आवेदन दिया और जमीन अपने नाम कराने की प्रक्रिया पूरी करवाई। उन्होंने यह भी बताया कि इस शासकीय भूमि पर वर्षों से गांव का सामूहिक अधिकार रहा है और इसका उपयोग मंदिर तथा अन्य सार्वजनिक कार्यों के लिए किया जाता रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह शासकीय भूमि निजी नामों में दर्ज रहती है, तो इससे गांव की धार्मिक और सामाजिक व्यवस्था को गंभीर क्षति पहुंचेगी। उन्होंने पूरे नामांतरण प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच, तहसीलदार के आदेश को तत्काल निरस्त करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अपर कलेक्टर संजीव केशव पांडे ने ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लिया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।


