धौलपुर| शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था को सुधारने और सड़क सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता फैलाने में सामाजिक संस्था चंद्रमल फाउंडेशन लगातार सार्थक पहल कर रही हैं। बिना किसी शोर-शराबे,समाज के हित में काम करने वाली यह संस्था आज शहर के लिए एक प्रहरी की भूमिका निभा रही हैं। संस्था का उद्देश्य सिर्फ नियम बताना नहीं,बल्कि लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव लाना हैं। संस्था के संस्थापक राजवीर सिंह गुर्जर ने बताया कि चंद्रमल फाउंडेशन द्वारा शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात नियमों से जुड़े जागरुकता होर्डिंग लगाए गए हैं,ताकि आमजन को नियमों की जानकारी सहज रूप से मिल सके। इसके साथ ही एक अनूठी और सराहनीय पहल करते हुए शहर में सड़कों पर विचरण करने वाले करीब 300 आवारा गौवंशों को रेडियम रिफ्लेक्टर पहनाए गए,जिससे रात के समय होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। यह कदम खासतौर पर दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रहा हैं। फाउंडेशन के इस अभियान में डॉ. निखिल अग्रवाल का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। उन्होंने यातायात नियमों की पालना और आमजन को सतर्क करने के उद्देश्य से संस्था को माइक सेट भेंट किया हैं। जिसके माध्यम से चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लोगों को सीधे तौर पर जागरुक किया जा सके। ट्रैफिक पुलिस इस माइक सेट का इस्तेमाल जाम खुलवाने,यातायात नियमों का पालन करने के लिए चालकों को चेताने और सतर्क करने के लिए कर रही हैं। संस्था के बारे में: चंद्रमल फाउंडेशन की शुरुआत साल 2025 में हुई थी। तभी यातायात सुधार के क्षेत्र के अलावा कई जन सरोकार के कार्यों से संस्था के सदस्य जुड़े हुए हैं। संस्था का फोकस: सड़कों पर लगातार बढ़ रहे दुर्घटनाओं के ग्राफ में कमी लाना,युवा पीढ़ी को स्कूल शिक्षा के साथ ही सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति सजग करना।


