चइत महीना सरहुल परब मनावयं… नृत्य-गीत से बसंत का स्वागत

सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड (सीयूजे) परिसर में मंगलवार को ट्राइबल स्टूडेंट्स कल्चरल एसोसिएशन ने सरहुल मिलन समारोह का आयोजन किया। समारोह की शुरुआत पारंपरिक पूजा-पाठ और अन्य सांस्कृतिक अनुष्ठानों के साथ की गई। यूनिवर्सिटी के डीएसडब्ल्यू डॉ. अनुराग लिंडा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस सांस्कृतिक उत्सव में डॉ. रमेश उरांव, डॉ. अमृत कुमार, डॉ. सीमा ममता मिंज, डॉ. एंजेल नाग, डॉ. निर्मली बोरदोलोई, डॉ. सुचिता सेम चौधरी सहित शिक्षकगण व विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति की झलक देखने को मिली और सभी उपस्थित लोगों ने इस उत्सव का भरपूर आनंद लिया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रमेश उरांव ने किया। आदिवासी हॉस्टल के स्टूडेंट्स ने खोड़हा नृत्य प्रस्तुत किए सरहुल मिलन समारोह में विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। नृत्य-गीत, वाद्य वादन से झारखंड की संस्कृति को दर्शाया गया। विभिन्न कॉलेजों के आदिवासी बालक व बालिका छात्रावास के छात्र-छात्राएं, मांडर कॉलेज व डीएसपीएमयू के ट्राइबल रीजनल लैंग्वेज विभाग के छात्र-छात्राओं ने खोड़हा नृत्य की प्रस्तुति दी। मांदर-नगाड़ा की थाप पर पारंपरिक परिधान पहन सरहुल के गीत गाकर नृत्य किए। हो हो रे का फूला फूली गेल, छोटे-मोटे ढोलकी बाजेला हिया साल सोना कोन गीत के गाय देंव, चइत महीना सरहुल परब मनावयं पहान राजा पूजा जे करायं, पूजा पाछे झूमरी लगावयं… गीत पर मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी। वहीं, कई छात्रों ने नागपुरी व कुड़ुख एकल गीत की प्रस्तुति भी दी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *