बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की गई समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था का अनुचित लाभ उठाने वाले कोचिया और दलालों पर प्रशासन ने शिकंजा कसा है। राजस्व विभाग की सक्रियता से चकरभाठा में एक लाख रुपये मूल्य का लगभग 30 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है। इसे एक व्यापारी ने खपाने के लिए अवैध रूप से संग्रहित कर रखा था। जिले में धान खरीदी अब गति पकड़ चुकी है और लगभग सभी उपार्जन केंद्र खुल गए हैं। किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। इसी बीच, कोचिया और दलाल भी अनुचित लाभ कमाने के उद्देश्य से अवैध रूप से धान खपाने के प्रयासों में सक्रिय हो गए हैं। अवैध रूप से रखे 75 बोरी धान जब्त इन दलालों और कोचियों के मंसूबों को विफल करने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने प्रशासनिक टीमों को ऐसे तत्वों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के क्रम में चकरभाठा में साल की यह पहली बड़ी कार्रवाई की गई। बिल्हा एसडीएम के मार्गदर्शन में व्यापारी सुरेश पंजवानी ‘धान वाला’ के कब्जे से अवैध रूप से रखे 75 बोरी धान जब्त किया गया। व्यापारी दस्तावेज पेश नहीं कर सका जब्त किए गए धान की मात्रा लगभग 30 क्विंटल है, जिसकी सरकारी कीमत एक लाख रुपये से अधिक है। व्यापारी जांच टीम को इस धान से संबंधित कोई हिसाब या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। आशंका जताई जा रही थी कि इस धान को सांठगांठ करके किसी सहकारी समिति में खपाने की तैयारी थी, लेकिन इससे पहले ही प्रशासन ने इसे बरामद कर लिया। यह कार्रवाई मंडी अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई है। इस अभियान में बोदरी के तहसीलदार, खाद्य निरीक्षक और मंडी के कर्मचारी शामिल थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध धान खरीदी और बिक्री पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी।


