चतरा में झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही:प्रसव के दौरान महिला की मौत, अस्पताल संचालक फरार; परिजनों का हंगामा

चतरा जिले के हंटरगंज में एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान हुई लापरवाही से 22 वर्षीय महिला की मौत हो गई। सेलवार गांव की रहने वाली रंजू देवी को शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बच्चे को सुरक्षित निकाल लिया। लेकिन महिला की हालत बिगड़ने पर उसे गया मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां से पटना भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल अवैध रूप से चल रहा था। महिला की स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टर उसे अस्पताल के बाहर छोड़कर फरार हो गए। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया। मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। परिजनों को समझाने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल चतरा भेजा गया। गलत इंजेक्शन से 4 साल के बच्चे की मौत दूसरी दुखद घटना वशिष्ठ नगर जोरी थाना क्षेत्र में हुई। धोबे गांव के एक 4 वर्षीय बच्चे ऋषि कुमार की मौत एक झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज से हो गई। ऋषि के पिता मनोज पासवान के अनुसार, बच्चे को पेट दर्द की शिकायत थी। वे उसे सलैया गांव स्थित प्रदीप विश्वकर्मा नामक एक झोलाछाप डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने उसे एक के बाद एक तीन इंजेक्शन लगाए, जिसके बाद उसकी हालत और बिगड़ गई। ऋषि के मुंह से लार निकलने लगी और वह बेसुध होने लगा। जब परिजन उसे दोबारा डॉक्टर के पास ले गए, तो उसने मिर्गी की बीमारी बताकर गया (बिहार) रेफर कर दिया। गया में कई अस्पतालों ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया और अंत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने के कुछ ही देर बाद उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे का हार्ट ब्लॉक हो गया था। दोषी डॉक्टर पर सख्त कार्रवाई की मांग ऋषि की मौत के बाद आक्रोशित परिजन उसके शव को लेकर सीधे वशिष्ठ नगर जोरी थाना पहुंचे और मुआवजे के साथ ही दोषी डॉक्टर पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दोनों डॉक्टर फर्जी: सिविल सर्जन इन दोनों घटनाओं पर चतरा सिविल सर्जन जगदीश प्रसाद ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी मिली है। हंटरगंज में महिला की मौत के मामले में डॉक्टर पूरी तरह से फर्जी था। वहीं, ऋषि कुमार का इलाज करने वाला डॉक्टर भी किसी स्कूल का टीचर बताया जा रहा है और वह पूरी तरह से फर्जी तरीके से डॉक्टरी कर रहा था। सिविल सर्जन ने आश्वासन दिया कि इन दोनों मामलों में दोषियों के खिलाफ जल्द ही कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग अब इन फर्जी डॉक्टरों और अवैध क्लिनिकों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाएगा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *