राजस्थान हाई कोर्ट प्रशासन ने चतुर्थ श्रेणी परीक्षा में शामिल होने वाले उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है, जो न्यूनतम निर्धारित शैक्षणिक योग्यता (10वीं) रखते हैं। यानी इंटरव्यू में 10वीं पास अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। गौरतलब है कि राजस्थान हाई कोर्ट एवं अधीनस्थ अदालतों में चतुर्थ श्रेणी के 5670 पदों पर की भर्ती की जानी है। इसमें करीब 10 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। आवेदन की प्रक्रिया गत साल ही पूरी हो चुकी है। परीक्षा होना बाकी है। लिखित परीक्षा के लिए 85 नंबर और इंटरव्यूं के लिए 15 नंबर निर्धारित किए गए हैं। पांच फरवरी को नाटिफाइड आदेश में कहा गया है कि राजस्थान उच्च न्यायालय कर्मचारी सेवा नियम-2002 के अंतर्गत चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती उन पदों को भरने के लिए है, जिनमें शारीरिक श्रम और नियमित कार्य शामिल हैं। इनमें उच्च शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं है। अनुभव से पता चलता है कि न्यूनतम निर्धारित योग्यता से अधिक शैक्षणिक योग्यता रखने वाले उम्मीदवार अक्सर शैक्षणिक लाभ के कारण चयनित हो जाते हैं। केवल न्यूनतम निर्धारित योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों को विस्थापित कर दिया जाता है और इस प्रकार ऐसी पात्रता निर्धारित करने का मूल उद्देश्य ही विफल हो जाता है। इसलिए,केवल न्यूनतम निर्धारित योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आम तौर पर आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित होते हैं। ऐसे समझें पूरा मामला
राजस्थान उच्च न्यायालय कर्मचारी सेवा नियम-2002 के अनुसरण में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने कार्यालय आदेश में निम्नलिखित संशोधन किए हैं। जिसके तहत श्रेणी IV पदों के लिए इंटरव्यू के चरण में, उन उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके पास न्यूनतम निर्धारित योग्यता है। जैसे माध्यमिक विद्यालय शिक्षा। यूं समझें कि यदि उम्मीदवार ‘A’ के पास केवल माध्यमिक शैक्षणिक योग्यता है, उम्मीदवार ‘B’ के पास वरिष्ठ माध्यमिक शैक्षणिक योग्यता है और उम्मीदवार ‘C’ के पास स्नातक या उससे ऊपर की योग्यता है, तो उनकी-अपनी श्रेणियों के भीतर प्राथमिकता ‘A’, फिर ‘B’, और फिर ‘C’ होगी।


