चरणजीत सिंह चन्नी करेंगे नवजोत कौर सिद्धू का मसला हल:बर्चस्व की लड़ाई, वड़िंग-रंधावा के उलट जाकर चन्नी उन्हें पार्टी में वापस लाने में जुटे

पंजाब प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेताओं में बर्चस्व की लड़ाई जारी है। डॉ नवजोत कौर सिद्धू ने पार्टी प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ी। इस पर राजा वड़िंग ने कहा था कि उन्हें पार्टी पहले ही सस्पैंड कर चुकी है जबकि सुखजिंदर सिंह रंधावा ने उनका नाम लिए बिना कह दिया था कि अच्छा हुआ खेड़ा छूट गया। वहीं अब पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी नवजोत कौर सिद्धू को कांग्रेस में वापस लाने की बात कर रहे हैं। चन्नी ने कांग्रेस व सिद्धू दंपत्ति के बीच चल रहे मसले को हल करवाने का दावा भी किया। यही नहीं चन्नी ने इस मसले को हल करने के लिए बाकायदा कवायद भी शुरू कर दी। नवजोत कौर सिद्धू को लेकर चरणजीत सिंह चन्नी का पार्टी प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग व पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा के विपरीत बयान देना सीधे तौर पर दर्शता है कि कांग्रेस में खुद को सुपीरियर शो ऑफ करने की जबरदस्त राजनीति चल रही है। मैडम सिद्धू व पार्टी नेताओं से बात कर ली
पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी का दावा है कि उन्होंने इस विवाद में मैडम सिद्धू व पार्टी के सीनियर नेताओं से बातचीत कर ली है। उन्हें विश्वास है कि इस मसले का जल्दी ही हल निकल जाएगा। दोनो पक्षों के गिले शिकवे दूर कर दिए जाएंगे। सिद्धू के मन में कुछ रोष, पार्टी बयानों से मुश्किल में चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि नवजोत कौर सिद्धू के मन में पार्टी के कुछ नेताओं के प्रति रोष है और उन्होंने गुस्से में यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि सिद्धू के बयान के कारण पार्टी और पार्टी के नेता मश्किल में हैं। चन्नी ने कहा कि कई बार इंसान गुस्से में कुछ और बोलना चाहता है और बोल कुछ और देता है। यही नवजोत कौर सिद्धू के साथ भी हुआ है। 500 करोड़ के बयान के केंद्र में थे चन्नी नवजोत कौर सिद्धू ने जब 500 करोड़ में सीएम की कुर्सी देने का बयान दिया था तो उसके केंद्र में चरणजीत सिंह चन्नी ही थी क्योंकि तब सीएम की कुर्सी चन्नी को मिली थी। उन्होंने यही आरोप लगाए थे कि चन्नी 500 करोड़ देकर सीएम बने। अब सवाल यह उठता है कि अचानक चन्नी नवजोत कौर सिद्धू के समर्थन में कैसे आ गए? राजनीतिक जानकारों का कहना है कि चन्नी डॉ नवजोत कौर को अपने खेमे में रखने के लिए ये प्रयास कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ नवजोत कौर सिद्धू पार्टी में रहकर अपने विरोधियों को समय समय पर लताड़ती रहेंगी और चन्नी कांग्रेस में मजबूत होते जाएंगे। राजा वड़िंग को खत्म करने के लिए पर्याप्त सबूत: नवजोत कौर सिद्धू ने पार्टी छोड़ते समय कहा कि राजा वड़िंग का राजनीतिक करियर खत्म करने के लिए उनके पास पर्याप्त सबूत हैं। वहीं कांग्रेस में चरणजीत चन्नी की सबसे ज्यादा राजा वड़िंग के साथ ही खटकती है। क्या है नवजोत कौर सिद्धू और कांग्रेस नेताओं का आपस में विवाद, जानिए 500 करोड़ के बयान ने आफत में डाली कांग्रेस: नवजोत कौर सिद्धू ने 500 करोड़ में सीएम की कुर्सी देने का बयान देकर कांग्रेस को आफत में डाल दिया। उसके बाद कांग्रेस नेताओं ने उन पर खूब टिप्पणियां की। वड़िंग व रंधावा पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप: नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस पार्टी में शुरू से सबसे ज्यादा अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग व सुखजिंदर सिंह रंधावा को घेरा। राजस्थान में टिकट बेचना, सरकार में रहते हुए घपले करने जैसे भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। पार्टी ने किया सस्पैंड: डॉ नवजोत कौर के बयान से पूरी कांग्रेस पार्टी विपक्ष के निशाने पर आ गई थी। राहुल गांधी से लेकर सोनिया गांधी तक को विपक्ष ने घेरा। उसके बाद पार्टी ने नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से सस्पैंड किया। सस्पैंड होने के बाद नवजोत कौर चुप हो गई साथ ही पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने उनके बारे में टिप्पणियां करनी बंद कर दी। राजा वड़िंग पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस छोड़ी: नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस छोड़ते हुए प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वाड़िंग पर पार्टी को कमजोर करने, आंतरिक कलह बढ़ाने और वफादार नेताओं को नजरअंदाज करने जैसे आरोप लगाए।
उन्होंने कहा था कि “मैंने ऐसी पार्टी छोड़ दी है जहां किसी उभरते नेता की आवाज नहीं सुनी जाती,” और यह भी संकेत दिया कि उनकी चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई।

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